जिले से इस साल करीब 800 युवाओं को दिलाया जा चुका है रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। आईटीआई में तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर युवा हुनरमंद हो रहे हैं। ऐसे में रोजगार कार्यालय की ओर से आईटीआई कैंपस में लगवाए गए रोजगार मेलों में इस साल करीब 800 युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है।
जिले में बदायूं, बिल्सी, बिसौली, दातागंज समेत छह राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) है। इन छह आईटीआई में 2200 के करीब युवा पंजीकृत है। इन युवाओं को आईटीआई में तैनात शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है और उनके तकनीकी ज्ञान को मजबूत किया जाता है, जिससे वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें और अपना और परिवार का ठीक से भरण-पोषण कर सकें।
इसके साथ ही आईटीआई प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए रोजगार मेला लगवाया जाता है, जिससे आईटीआई करने के बाद में युवाओं को इधर-उधर न भटकना पड़े। इस साल अब तक जिले से करीब 800 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी दिलाई जा चुकी है। साथ ही कुछ युवाओं को अप्रेंटिस ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है।
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आईटीआई से शिक्षा ग्रहण कर मिली नौकरी
आईटीआई से शिक्षा ग्रहण करने के बाद युवाओं को काफी फायदा हुआ हैं। कादरचौक निवासी राजन ने बताया कि जब 2016 में इंटर कर लिया था, तब परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी कि आगे की पढ़ाई बाहर जाकर कर सके। ऐसे में यहां आईटीआई की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नौकरी मिल गई। अब गुरुग्राम में एक फैक्टरी में काम कर रहा हूं। उघैती निवासी श्याम शर्मा की भी आईटीआई करने के बाद में दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी लगी है।
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आईटीआई में ये है ट्रेड
यहां फिटर, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामर असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, वेल्डर, सिलाईं-कढ़ाई, प्लंबर, वायरमैन, मैकेनिक समेत करीब दो दर्जन ट्रेड हैं। इनमें युवाओं का रुझान फिटर, इलेक्ट्रीशियन और कंप्यूटर की तरफ ज्यादा रहता है।
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आईटीआई करने के बाद में युवाओं को किसी पर निर्भर रहने की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। अगर उसका मन है तो वे विभिन्न कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं, अन्यथा की स्थिति में वह अपनी दुकान को संचालित कर सकते हैं। साथ ही खुद दूसरों को रोजगार मुहैया करा सकते हैं।
- राजीव कुमार, आईटीआई प्रधानाचार्य बदायूं