उझानी (बदायूं)। वृद्ध पत्नी कमलेश और उनके शव से लिपट कर दम तोड़ देने वाले बीमार बेटे दीपक की अर्थी को पिता पुरुषोत्तम श्रीवास्तव उर्फ भूरे का कंधा नसीब नहीं हो सका। कछला घाट पर दाह संस्कार के दौरान भूरे ने रिश्तेदारों की नहीं मानी तो छोटे बेटे ने मां और बड़े भाई का अंतिम संस्कार किया।
किलाखेड़ा मोहल्ला निवासी पुरुषोत्तम श्रीवास्तव की पत्नी कमलेश और जवान बेटे दीपक का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर कछला घाट के विद्युत शवदाह गृह परिसर में किया गया। पालिका सदस्य आकाश शर्मा के अनुसार मां-बेटे की अर्थी को कंधा देने के लिए भूरे को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। बाद में छोटे बेटे कुलदीप ने मां और भाई का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सामान भी भूरे के भाई राकेश ने ही जुटाया।
बता दें कि किलाखेड़ा मोहल्ला निवासी वृद्धा कमलेश की बीमारी के चलते बृहस्पतिवार सुबह मृत्यु हो गई थी। बाद में मां के शव से लिपटकर बीमार बेटे दीपक ने भी दम तोड़ दिया था। इस दौरान भी कमलेश का पति पुरुषोत्तम उर्फ भूरे अलग-थलग रहा था।