इन्हीं पक्षियों के बहाने सभी को अपने घर आंगन और छत पर हरे पौधे लगाने चाहिए, ताकि पक्षी गर्मी के मौसम में धूप से व्याकुल न रहें। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर पक्षी विहार बनाए जाने की मांग उठाई है। इस काम में उनकी पत्नी गीता सिंह का भी पूरा सहयोग रहता है। पति-पत्नी पर्यावरण के साथ ही पक्षी प्रेमी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
राधाकृष्ण ने पिता से ली गौरैया को संरक्षित करने की सीख
शिवपुरम मोहल्ले के ही रहने वाले राधा कृष्ण भी गौरैया को संरक्षित किए हुए हैं। राधा कृष्ण बताते हैं कि उन्होंने यह सीख अपने पिता से ली थी। उनके पिता स्वर्गीय राधेश्याम पर्यावरण प्रेमी थे। उन्होंने घर के अंदर बगीचा लगाया और गौरैया को संरक्षित करने लगे। सुबह-शाम वह गौरैया को दाना-पानी देने के बाद ही अपना निजी कार्य निपटाते थे। मौजूदा समय में उनके पास करीब 80 गौरैया हैं।,जो उनके आंगन की शोभा बढ़ा रही हैं।