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Budaun News: झोलाछाप ने लगाया इंजेक्शन महिला और बालक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

Sun, 07 Apr 2024 03:25 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं जिले में झोलाछाप के इलाज में शनिवार को महिला और बालक की जान चली गई। उघैती थाना क्षेत्र में इंजेक्शन लगते ही महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि दातागंज कोतवाली क्षेत्र में इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद बालक की मौत हो गई। पुलिस दोनों मामलों की छानबीन कर रही है।
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अनमोल के रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव दियोरी निवासी अनमोल (12) पुत्र अशोक शर्मा के सिर में शनिवार सुबह हलका दर्द हुआ था। परिवार वालों का कहना है कि सपरेड़ा गांव में एक झोलाछाप मेडिकल स्टोर के साथ ही क्लीनिक भी चलाता है। परिवार वाले अनमोल को उसके पास ले गए। इस पर उसने कुछ दवा दी और उसको एक इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद ही बालक की हालत बिगड़ गई। 

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झोलाछाप बोला कि इसे दातागंज ले जाओ। परिवार वाले उसे दातागंज ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। बाद में परिवार वाले उसके शव को घर ले गए। अशोक शर्मा के दो बेटों में अनमोल बड़ा था। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। झोलाछाप क्लीनिक बंद करके भाग गया है। पुलिस उसे तलाश कर रही है। 

 

उद्यैती में महिला की मौत 
उघैती थाना क्षेत्र के गांव घंसोली निवासी प्रेमवती (55) पत्नी रामप्रकाश को सर्दी-जुकाम था। वह शनिवार सुबह बेटे वीरेश के साथ बाइक पर दवा लेने उघैती के एक झोलाछाप के क्लीनिक पर आईं थीं। वीरेश के मुताबिक, झोलाछाप ने उन्हें दवा दी और एक इंजेक्शन लगा दिया, जिससे मां की हालत बिगड़ गई। 

आरोप है कि झोलाछाप ने महिला को क्लीनिक के बाहर लिटा दिया, जहां महिला की मौत हो गई। यह देखकर झोलाछाप अपनी दुकान बंद करके भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वीरेश ने झोलाछाप के खिलाफ तहरीर दी है।
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स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे झोलाछाप 
डीएम मनोज कुमार कई बार सीएमओ को आदेश दे चुके हैं, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग को एक भी झोलाछाप नहीं मिला है। चौबीस घंटे में दो लोगों की जान जाना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। ओरछी में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था। 

इस मामले में कार्रवाई की जगह नोडल अधिकारी पर सांठगांठ कर डॉक्टर को बचाने का आरोप भी लगा था। सहसवान कस्बे में पिछले माह दो अलग-अलग झोलाछाप के यहां जच्चा-बच्चा की मौत सामने आई थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं कराई गई। 
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