उझानी। सावन के चौथे सोमवार को जलाभिषेक से पहले रविवार रात हाईवे पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। छतुइया फाटक से बुटला तक जाम लगा तो पुलिस कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस ने आंबेडकर चौराहे और वितरोई मोड़ से मुजरिया होकर कांवड़ियों के वाहनों को निकाला, तब कहीं पांच घंटे बाद आवागमन सुचारु हो पाया।
बरेली-मथुरा हाईवे पर खासकर उझानी और कछला के बीच रात में करीब 11 बजे कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर पुलिस के इंतजाम भी दगा दे गए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, पिकअप समेत बाइक सवार कांवड़िये आगे निकलने की होड़ में दिखे। सबसे पहले छतुइया रेल फाटक के पास जाम लगा। इसके बाद करूआ पुल के पास भी अपने रूट पर ही कांवड़ियों का आवागमन चपेट आ गया।
पुलिस ने बदायूं की तरफ से कछला जाने वाले कांवड़ियों के वाहनों को बाइपास के रास्ते आंबेडकर चौराहे से मुजरिया होकर निकाला। दूसरी तरफ, कछला से बदायूं के लिए नया रूट वितरोई मोड़ से मुजरिया होकर शुरू कराया गया। वाहनों का उझानी बाजार में भी प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद ही बरेली- मथुरा हाईवे पर आवागमन सुचारु हो पाया। रियोनइया गांव के पास जाम में फंसे राहगीरों में ज्योरा गांव के योगेंद्र मौर्य ने बताया कि जाम में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
छतुइया गांव के पास डीजे लगे वाहन का पहिया पंक्चर
- कांवड़ियों के रूट पर जाम की असल वजह तो उन्हीं के वाहन रहे, लेकिन छोटे वाहनों पर भी डीजे साउंड सिस्टम लगा लिए जाने से दिक्कत ज्यादा हुई। छतुइया गांव के पास पिकअप का पहिया पंक्चर हो गया। पिकअप पर डीजे भी रखा था। इस वजह से ट्रैक्टर- ट्रॉलियों को भी आगे निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया।
सूना पड़ गया भोले के श्रृंगार का बाजार
- रविवार देर रात कांवड़ियों को वाया मुजरिया होकर कछला की ओर निकाला गया। कृषि उत्पादन मंडी समिति के पास लगा बाजार बेरौनक हो गया। कांवड़ियों की आवाजाही भी मंडी के आसपास से काफी हद तक बंद हो गई। दुकानदारों को रात में बिक्री की अच्छी उम्मीद थी, लेकिन उन्हें हाथ पर हाथ रखकर बैठना पड़ गया। यही नहीं, बाजार में जिन सेवादारों ने कांवड़ियों को चाय- नाश्ता कराने के लिए स्टॉल लगाए थे, वह भी सूने रहे।