बदायूं। मुख्य आरोपी साजिद घटना के तीन घंटे बाद ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, लेकिन उसका भाई जावेद मौके से भाग गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए 19 मार्च की रात को ही पिता बाबू और चाचा कयामुद्दीन को हिरासत में ले लिया था। जावेद के बरेली में सरेंडर करने पर दोनों को 21 मार्च की रात सभासद मोहम्मद तस्लीम की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं निवासी साजिद और जावेद सिविल लाइंस क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में बाल काटने की दुकान चलाते थे। दो बच्चों की हत्या के बाद जावेद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने परिजनों पर दबाव बनाया। साजिद के पिता बाबू ने बताया कि हत्या के दो घंटे बाद ही अलापुर थाना पुलिस उनके घर पहुंची। पुलिस ने उन्हें और उनके भाई कयामुद्दीन को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने उनसे जावेद के ठिकानों के बारे में जानकारी ली। सभी रिश्तेदारियों के बारे में भी पूछताछ की। बताया कि पुलिस रात में उन्हें साजिद की ससुराल गांव ददमई भी ले गई। वहां साजिद की पत्नी से पूछताछ करने के बाद उसे भी थाने ले आई। 20 मार्च को पुलिस पूरे दिन पूछताछ करती रही। रात में पुलिस उनको एसएसपी आवास ले गई। वहां भी उनसे जावेद के बारे में पूछताछ की गई। 48 घंटे की पूछताछ के बाद 21 मार्च की रात को उस समय सभासद मोहम्म्द तस्लीम के हवाले किया, जब जावेद पुलिस की गिरफ्त में आ गया।