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गेंहू खरीद : पहले दिन बैनर टांगा, फोटो खींचा और चलते बने केंद्र प्रभारी

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बदायूं। गेहूं खरीद का पहला दिन औपचारिकताओं में बीता। क्रय केंद्रों पर गेहूं का एक दाना तक नहीं पहुंचा। तमाम स्थानों पर केंद्र प्रभारी क्रय केंद्रों पर पहुंच। यहां बैनर लगाया, फोटो खिंचवाया और चलते बने। क्रय केंद्रों पर शुक्रवार को व्यवस्थाएं ही की जाती रहीं। जिले में इस बार 136 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
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आमतौर पर गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू होती है। इस बार शासन ने व्यवस्थाओं में बदलाव करते हुए गेहूं की औपचारिक खरीद एक माह पहले ही शुरू करा दी है। जिले में अब तक 1,300 से ज्यादा किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण तो करा चुके हैं, लेकिन शुक्रवार को पहले दिन किसी क्रय केंद्र पर कोई किसान नहीं पहुंचा। मंडी समिति स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर दोपहर 12 बजे बैनर लगाए बैठे केंद्र प्रभारी तो मिले, लेकिन यहां कांटा-बाट समेत अन्य वारदाना नहीं था। उझानी मंडी के क्रय केंद्र पर भी हालात इसी तरह के दिखे। दोपहर बाद क्रय केंद्रों पर प्रभारी भी नजर नहीं आए।
भले ही जिले में शुक्रवार से गेहूं खरीद की औपचारिक शुरूआत हो गई हो, लेकिन यहां किसान गेहूं की पिछैती फसल करते हैं। ऐसे में क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक अप्रैल के दूसरे सप्ताह से शुरू होती है। पहले दिन क्रय केंद्रों पर लापरवाही का एक कारण यह भी रहा। इस बार शासन ने जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य अब तक नहीं दिया है।
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वजीरगंज मंडी समिति परिसर में क्रय केंद्र पर बैनर तक नहीं लगाया गया। यहां आरएफसी का क्रय केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्र के बाहर गंदगी और उपले नजर आए। गेहूं खरीद के पहले दिन दोपहर तक यहां कोई नहीं पहुंचा। कांटा-बाट और वारदाना भी कहीं नजर नहीं आया।

कुंवरगांव में क्रय केंद्र का स्थान तक तय नहीं
- गेहूं खरीद की औपचारिक शुरूआत शुक्रवार से भले हो गई हो, लेकिन कुंवरगांव कस्बे में अब तक गेहूं क्रय केंद्र का स्थान तय तय नहीं हो सका है। कुंवरगांव में गंज पेट्रोल पंप के पास और सिगोई में सहकारी गोदाम में क्रय केंद्र बनाया जाता है। इस बार इन दोनों की स्थानों पर अब तक कोई बैनर नहीं लगाया गया है। लोगों को यह भी नहीं पता है कि यहां क्रय केंद्र बनाया जाएगा या नहीं।

पिछले साल मिला था 12.5 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य
- शासन ने पिछले साल जिले को 12.5 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। इसके सापेक्ष मात्र 1.9 फीसदी गेहूं खरीद ही हो सकी। इस बार ज्यादा से ज्यादा खरीद के लिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में कोई लक्ष्य नहीं दिया गया है। इसके अलावा इस बार बंटाईदार भी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।


-सभी सरकारी क्रय केंद्र सक्रिय कर दिए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों को हिदायत दी है कि किसानों से लगातार संपर्क करते रहें। ताकि ज्यादा से ज्यादा गेहूं की खरीदारी की जा सके। क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह से शुरू होगी।
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-अतुल वशिष्ठ, जिला विपणन अधिकारी
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