बिरुआवाड़ी मंदिर में कथावाचन करते आचार्य देवमणि त्रिपाठी।
बदायूं। आचार्य देवमणि त्रिपाठी ने कहा कि सत्य सनातन के रास्ते पर चलकर ही मानव का कल्याण हो सकता है। इसलिए हमें अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर अच्छाइयों को ग्रहण करना होगा।
श्री ब्रह्मदेव सेवा समिति लोचीनगला के तत्वावधान में बिरुआबाड़ी मंदिर के गीता भवन में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन शनिवार को आचार्य त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के चरित्र का गुणगान किया। इसके बाद उन्होंने सुदामा को ऐश्वर्य की प्राप्ति, उद्धव और गोपियों के संवाद, भगवान श्रीकृष्ण का द्वारिका गमन के प्रसंग सुनाए।
उन्होंने कहा कि आज मानव बुराई के रास्ते पर चलकर धर्म की हानि कर रहा है, जबकि सत्य सनातन के रास्ते पर चलकर ही उसका उद्धार संभव है। इस अवसर पर अनुज सक्सेना, निर्दोष सक्सेना, संग्राम सिंह, आंनदपाल सिंह, विशाल सक्सेना, उमेश चौहान, महेश चौहान, हरिकिशन, विकास, कन्हैया, राजू आदि मौजूद रहे। संवाद