बदायूं। आंगनबाड़ी श्रमिक संघ एटक के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मालवीय आवास पर क्रमिक अनशन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी कीमत पर एजुकेटर की नियुक्ति नहीं होने दी जाएगी।
जिलाध्यक्ष मिथिलेश कुमारी ने कहा- सरकार झूठा आश्वासन देकर जुमलागिरी कर रही है। अब कश्मीर के चुनाव में भी उत्तर प्रदेश की तरह जुमला बोला जा रहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। यह जुमला उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी बोला गया था, लेकिन आज तक ऐसा नहीं किया गया। उल्टा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अस्तित्व खत्म करने के लिए एजुकेटर व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके विरोध में आंदोलन चल रहा है।
जिला उपाध्यक्ष ममता भदौरिया, बृजेश महेश्वरी, प्रेमलता चौहान, सरिता श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं का अपमान कर रही है। पूरे देश में अगर कहीं भी मानदेय कम है तो वह उत्तर प्रदेश में है। मध्य प्रदेश में 14 हजार रुपये मानदेय मिलता है। उन्होंने कहा कि जब तक सम्मान जनक मानदेय नहीं मिलता तब तक हम अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। किसी भी कीमत पर एजुकेटर की नियुक्ति नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर उषा देवी, प्रियंवदा, सुषमा सिंह, कल्पना मिश्रा, महारानी देवी, वर्षा राजपूत, लता भारती, अजमा यासमीन आदि मौजूद रहीं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सांकेतिक हड़ताल कल
बदायूं। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 10 सितंबर को मालवीय आवास से एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के साथ रैली निकालेंगी। जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी एजुकेटर की भर्ती करने जा रही है। इसमें बाहर से भर्ती की जाएगी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है। भर्ती के विरोध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक दिन का विरोध प्रदर्शन करेंगी। संवाद