बिल्सी के गुधनी में यज्ञ में आहुतियां देते लोग। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में रविवार को साप्ताहिक सत्संग हुआ। इस अवसर पर सामूहिक यज्ञ भी हुआ।
इसके बाद ब्रह्म वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा कि संसार शांति चाहता है। संघर्ष का परिणाम शांति होना चाहिए। व्यक्ति के अन्दर पैदा ईर्ष्या, द्वेष व महत्काकांक्षाएं पारिवारिक कलह से लेकर युद्ध की विभीषिका तक पहुंचा देती हैं। विज्ञान ने तो खूब तरक्की की है, हम चांद तारों तक पहुंच गए, लेकिन धरती पर कैसे रहना है, हम यह आजतक नहीं सीख पाए।
आचार्य ने कहा कि आज का मनुष्य भोगों की अंधी दौड़ में दौड़ता चला जा रहा है। मानवीय मूल्य खत्म हो चुके हैं। अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता, इस सोच के साथ आदमी जी रहा है। किंतु यह भी कटु सत्य है कि जिस धन के पीछे आदमी भाग रहा है, उस धन से बिस्तर तो मिल सकता है पर नींद नहीं, दवा मिल सकती है पर स्वास्थ्य नहीं, किताबें मिल सकती हैं पर ज्ञान नहीं, सुख के साधन मिल सकते हैं पर शांति नहीं। संवाद