बदायूं में गंगा का जलस्तर बढ़ा रहा है, जिससे 24 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी भर गया है। सड़कें जलमग्न हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बदायूं में गंगा के बढ़े हुए जलस्तर की वजह से कछला क्षेत्र के गांवों में पानी भरने लगा है, सबसे ज्यादा खराब हालत पंखिया नगला गांव की है। यहां के ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही गांव की बिजली सप्लाई भी ठप है। ऐसे में ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। यही हाल उसहैत, सहसवान क्षेत्र के गांवों का है।
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गंगा की बेकाबू लहरों ने निचले इलाकों में तबाही मचा रखी है। दो दर्जन से अधिक गांवों के 40 से अधिक घरों के भीतर तक बाढ़ का पानी घुस गया है। यह गांव अब टापू बने नजर आ रहे हैं। घरों में पानी भरने से लोगों के सामने रहने व खाने का संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ की चपेट में रास्ते आने से कछला के पंखिया नगला गांव, उसहैत के कमलू नगला, जसवंत नगला, कमलईयापुर, जटा, प्रेमी नगला, रैपुरा आदि एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। यहीं हाल सहसवान के तोफी नगला, खागी नगला, वीर सहाय नगला, परशुराम नगला, दहगवां के सोहन सिबारक, मालपुर ततैरा आदि गांवों का है। ऐसे में आवागमन के लिए ग्रामीण को अब नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पंखिया नगला में घरों में कैद हुए लोग
धीरे-धीरे गंगा का पानी पंखिया नगला गांव में प्रवेश कर गया है। ऐसे में जिन लोगों के पक्के मकान बने हैं। वह अधिकतर समय अपने घरों के अंदर बिताने पर मजबूर हैं। उन्हें कहीं पर जाना होता है तो नाव मंगानी पड़ रही है।
चौकी के पास आया बाढ़ का पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी कछला। कस्बे की तरफ बढ़ने लगा है। कछला में बनी पुलिस चौकी के चारों ओर बाढ़ का पानी भर गया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहन भी आधे से ज्यादा डूब गए हैं।
प्रशासन का दावा सिर्फ 29 गांव हैं बाढ़ग्रस्त
जिला प्रशासन ने केवल 27 गांवों को ही बाढ़ प्रभावित माना है। जबकि बदायूं, सहसवान, दातागंज तहसील में कई ऐसे गांव हैं, जो बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 117 लोगों का उपचार भी किया।
बैराजों से छोड़ा गया पानी
- नरौरा-257146 क्यूसेक
- बिजनौर-115467 क्यूसेक
- हरिद्वार-92007 क्यूसेक
- कछला पर खतरे का निशान 162 मीटर पर
- कछला में 162.79 मीटरगेज पर बह रही है गंगा