उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हुए वारंटी सत्येंद्र कुमार की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दीं। रिश्तेदारियों में खोजबीन के दौरान भी उसका सुराग नहीं लग पाया। उसकी गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर (क्राइम) और एसएसआई के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गई हैं।
पुलिस अभिरक्षा से फरार भर्राटोला मोहल्ला निवासी सत्येंद्र कुमार ने पत्नी रीना के भरण-पोषण की रकम कोर्ट में जमा नहीं की तो उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मारपीट की सूचना के बाद उसे मंगलवार देर शाम पकड़ा था। कोर्ट में पेश करने से पहले सिपाही कुलदीप कुमार और होमगार्ड छोटे लाल की अभिरक्षा में उसे अस्पताल भेजा गया। इसी दौरान वह चकमा देकर भाग गया। इस मामले में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने सिपाही को देर रात निलंबित कर दिया था।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही कुलदीप की ओर से सत्येंद्र के खिलाफ आईपीसी की धारा- 224 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर (क्राइम) संजय कुमार धीर और एसएसआई मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। पुलिस टीमों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी।