बदायूं। जिले में लोगों को फिलहाल आवारा सांड़ों से निजात नहीं मिलने वाली। उन्हें पकड़ने के तमाम आदेश जारी हो चुके हैं। सरकारी अफसरों के अलावा नेता भी इनसे निजात दिलाने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन जब इन्हें पकड़ने की बारी आती है तो कुछ गायें पकड़कर गोशाला भेज दी जाती हैं। आज तक एक भी सांड़ नहीं पकड़ा गया है। सांड़ लगातार लोगों की जान ले रहे हैं।
पशुपालन विभाग की ओर से छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान एक नवंबर से चलाया जा रहा है। यह 31 दिसंबर तक चलेगा। शुरुआत में कुछ स्थानों से गायें पकड़ने की सूचनाएं जरूर मिलीं, लेकिन दो-चार दिन बाद यह भी आनी बंद हो गईं। अब तो अभियान भी सिर्फ कागजों पर ही चल रहा है। हालांकि इस अभियान के तहत सांड़ एक भी नहीं पकड़ा जा सका है।
विभागीय अधिकारी एक नवंबर से अब तक 700 छुट्टा पशु पकड़ने का दावा कर रहे हैं। इनमें सांड़ कितने हैं, इसका कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। उन्हाेंने यह जरूर बताया कि गाय आसानी से पकड़ ली जाती हैं लेकिन सांड़ों को पकड़ने में दिक्कत होती है, जबकि लोगों को सबसे ज्यादा खतरा सांड़ों से ही है। सांड़ लगातार लोगों की जान ले रहे हैं।
सांड़ों के हमले में हर साल जान गंवाते हैं 15-20 लोग
शुक्रवार को रमजानपुर गांव में एक सांड़ ने किसान की जान ले ली। अगर सांड़ पकड़े गए होते तो शायद किसान की जान नहीं जाती। विभागीय लापरवाही से पता नहीं कितने लोग घायल हो चुके हैं और यह क्रम अब तक बंद नहीं हुआ है। अधिकारियों की बहानेबाजी लगातार किसानों पर भारी पड़ रही है। उनकी फसलें उजड़ रहीं हैं और उनकी जान भी जा रहीं हैं। जिले में हर साल 15-20 लोग सांड़ों के हमले में जान गंवा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार खामोश हैं।
अब दुग्ध विकास मंत्री बोले- एक जनवरी से सड़कों पर नहीं दिखेंगे छुट्टा पशु
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को शाहजहांपुर में बयान दिया कि एक जनवरी से कोई भी छुट्टा पशु सड़कों या खेतों में नहीं दिखेगा। विभागीय अधिकारी जल्द से जल्द इन्हें पकड़कर गोशालाएं भिजवाएं। अगर गोशालाएं नहीं हैं तो उनका निर्माण कराएं। नए साल में कोई छुट्टा पशु घूमता नहीं दिखना चाहिए। विभागीय अधिकारी उनके आदेशों का कितना पालन कर पाएगें यह तो समय ही बताएगा।
जिले में हो रहा 50 गोशालाओं का निर्माण
पशु पालन विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले में इस समय करीब 50 गोशालाओं का निर्माण चल रहा है लेकिन यह निर्माण आखिर कब तक पूरा होगा, इसकी कोई समय सीमा नहीं है। निर्माण की गति इतनी धीमी है कि लगता है कि एक नवंबर से चलाया गया अभियान भी निकल जाएगा लेकिन पशु नहीं पकड़े जा सकेंगे।
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सांड़ के हमले में किसान घायल
बिसौली। कोतवाली क्षेत्र के गांव दिसौलीगंज में 50 वर्षीय किसान महेंद्र मौर्य को सांड़ ने हमलाकर घायल कर दिया। वह घेर से घर की ओर आ रहे थे, तभी पीछे से सांड ने हमला कर दिया। उन्हें जमीन पर उठाकर पटक दिया। इससे महेंद्र के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। परिवार वालों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। संवाद
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- जिले में एक नवंबर से छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान चल रहा है। इस दौरान करीब 700 पशु पकड़े भी जा चुके हैं। असल में गायें आसानी से पकड़ में आ जाती हैं लेकिन सांड़ पकड़ने में दिक्कत होती है। उन्हें पकड़ा जा रहा है। कुछ गोशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। उसके बाद अभियान में और तेजी आएगी। - डॉ. मोहर सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
बाजार में छुट्टा सांड। संवाद