वजीरगंज। सोही आश्रम के सिद्ध संत स्वामी विदेह नंदिनी शरण के स्वर्गवास के बाद अब उनके उत्तराधिकारी को लेकर मतभेद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को उनके 13वीं संस्कार के मौके पर राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी इस प्रकरण को सुलझाने का प्रयास किया, मगर किसी के भी नाम पर सहमति नहीं बन सकी।
स्वामी विदेह नंदिनी शरण महाराज ने लगभग 60 वर्ष पूर्व संत सेवा आश्रम हनुमान मंदिर सोही की स्थापना की थी। इसके बाद श्री वैष्णव संत सेवा आश्रम माया कुंड ऋषिकेश उत्तराखंड, श्री संत सेवा आश्रम शिव धाम गुरुगांव बरेली, अविकंपन योग आश्रम मदनापुर शाहजहांपुर, श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर रामघाट अयोध्या तथा बांके विहारी कृपा कुंज वृंदावन मथुरा आश्रम की स्थापना की थी। सभी आश्रम वैष्णव संत जन कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। स्वामी जी के जीवनकाल में आश्रमों को लेकर कभी कोई विवाद नहीं रहा, मगर उनके परलोक गमन के बाद अब उनके उत्तराधिकारी को लेकर असहमति है।
स्वामी जी के उत्तराधिकारी को लेकर अब तक सोही मंदिर के पुजारी फूल बाबा और स्वामी जी के हमराह संत शरण महाराज के नाम चर्चा में थे, मगर शुक्रवार को उनके 13वीं संस्कार के मौके पर कुछ लोगों ने देवानंद महाराज का नाम सामने रखा। हालांकि माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के साथ कुछ संतों तथा आश्रम के हितैषियों ने इस विवाद को सुलझाकर किसी एक नाम पर सहमति बनाने का अथक प्रयास भी किया, मगर सहमति नहीं बन सकी। कोई सकारात्मक निर्णय न होने पर संत शरण महाराज के वृंदावन चले जाने के बाद अन्य लोग भी चले गए।