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Budaun News: 15 साल बाद आया फैसला, बलवा के आरोप से दोषमुक्त हुए 28 लोग

Fri, 27 Sep 2024 08:32 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बदायूं। 15 साल पहले नमाज पढ़ने को लेकर हुए विवाद में बृहस्पतिवार को फैसला आया। अदालत ने 28 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें तीन की मौत हो चुकी है। मामला सांप्रदायिक होने के कारण जिले में काफी चर्चा में रहा। मुकदमे में एक ही परिवार की चार पीढि़यां फंसी थीं।
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साल 2009 में बसपा सरकार में फैजगंज थाना क्षेत्र के कस्बा मुडि़या धुरेकी में एक समुदाय के लोग दालान पर धार्मिक आयोजन करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में लाउडस्पीकर लगवाकर कार्यक्रम कराने की कोशिश शुरू की तो कस्बे के दूसरे पक्ष में रोष फैल गया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कस्बे के लोगों ने विरोध किया।
इसी बीच पुलिस और कस्बे के लोगों में जमकर मारपीट हो गई। कई पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। कस्बे के लोगों को भी चोटें आईं थीं। पुलिस ने रामपाल मिश्रा उनके भतीजे विजयपाल मिश्रा, विद्याराम मिश्रा, विजयपाल के बेटे सतीश मिश्रा सतीश के भतीजे पंकज मिश्रा (एक ही परिवार की चार पीढि़यां) को नामजद करते हुए 31 लोगों के खिलाफ बलवा आदि संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। रामपाल मिश्रा समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए 28 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
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परिजनों ने बताया सत्य की जीत
-2009 में तत्कालीन इंस्पेक्टर आरएन त्यागी की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया था। फैसले के समय 24 लोग व रामपाल मिश्रा के परिवार के लोग कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। फैसला आने के बाद सभी ने इसे सत्य व कानून की जीत बताया।

यह लोग थे नामजद

मुकदमे में रामपाल मिश्रा उनके भतीजे विजयपाल मिश्रा व विद्याराम मिश्रा, विजयपाल के बेटे सतीश मिश्रा तथा सतीश का भतीजा पंकज मिश्रा के अलावा मुकेश कुमार, इंद्रजीत भट्ट, संजीव, घनश्याम, कल्लू, राजेश राना, वेदप्रकाश शर्मा, घासीराम शर्मा समेत 31 लोग नामजद थे।
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