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सीएचसी पर 20 बेड का हॉल.. पीला ईंटें, गुणवत्ता पर उठे सवाल

सार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 20 बेड के हॉल की निर्माण सामग्री सवालों के घेरे में आ गई है।अस्पताल परिसर में इमरजेंसी कक्ष के ठीक सामने 20 बेड की क्षमता वाले कोविड हॉल का निर्माण शुरू हुआ था।जबकि एग्रीमेंट में अव्वल ईंटों के इस्तेमाल का मानक है।
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उझानी अस्पताल में कोविड हॉल के निर्माण को लगीं ईंटें। संवाद - फोटो : BADAUN
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विस्तार
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उझानी (बदायूं)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 20 बेड के हॉल की निर्माण सामग्री सवालों के घेरे में आ गई है। दोयम दर्जे की पीला ईंटों के इस्तेमाल के साथ बजरी-सीमेंट के मिश्रण की स्थिति देख कुछ लोगों ने मजदूरों समेत राजमिस्त्री से शिकायत भी की, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया।
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नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत एक निजी संस्था को निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए करीब 26 लाख रुपये में ठेका मिला है। अस्पताल परिसर में इमरजेंसी कक्ष के ठीक सामने 20 बेड की क्षमता वाले कोविड हॉल का निर्माण शुरू हुआ था। नींव भरने के दौरान पीला ईंट लगाने पर लोगों की नजर पड़ी तो उन्हें लगा कि चिनाई में अव्वल क्वालिटी की ईंटों का इस्तेमाल होगा, लेकिन उन्हीं ईंटों से चिनाई की जा रही है।
जबकि एग्रीमेंट में अव्वल ईंटों के इस्तेमाल का मानक है। इसी तरह चिनाई में पांच कट्टे बजरी में एक कट्टा सीमेंट का मिश्रण होना चाहिए। सीमेंट-बजरी का मिश्रण भी मानक के विपरीत बताया जा रहा है। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार का कहना है कि निर्माण कार्य निजी संस्था की देखरेख में चल रहा है। ईंटों को लेकर शिकायत आई है। अफसरों को अवगत करा दिया है। एनएचएम के अफसर ही गुणवत्ता की हकीकत देखेंगे।
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निर्माण सामग्री की गुणवत्ता प्रभावित होने को लेकर किसी ने कोई शिकायत नहीं है। निर्माण शुरू होने के बाद से मैं भी साइट पर पहुंचकर देख चुका हूं। रही बात ईंटों की तो उसे भी देख लेंगे। किसी भी सूरत में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता प्रभावित नहीं हो सकती। - मुकेश वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर
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