बिसौली (बदायूं)। फैजगंज बेहटा क्षेत्र के कस्बा मुडिया धुरेकी में मोबाइल टावर पर लगे भगवा ध्वज शुक्रवार रात फाड़कर अराजकतत्वों ने अपना धार्मिक झंडा लगा दिया। इससे शनिवार सुबह हिंदू समाज में आक्रोश फैल गया। हंगामा देखकर पुलिस ने दोबारा भगवा ध्वज लगवा तो दिया, मगर विवाद बना रहा तो एसडीएम ने तिरंगा लगवाकर उसे शांत कराया।
मुडिया धुरेकी के ग्रामीणों की नजर शनिवार को गांव में लगे टावर पर गई तो उस पर परचम-ए-नबी लगा हुआ था। यह देख कुछ ही देर में हिंदू समाज के लोग टावर के पास एकत्र हो गए। दूसरे समुदाय के लोग भी जमा होने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने परचम-ए-नबी उतारकर भगवा ध्वज लगा दिया। इसका भी विरोध हुआ तो एसडीएम के निर्देश पर थाना प्रभारी जवाहरलाल वर्मा ने कुछ देर बाद एक सिपाही को टावर पर चढ़वाकर भगवा ध्वज उतरवा दिया। इससे आक्रोशित हिंदू संगठनों के साथ कस्बे के लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर एसडीएम राशि कृष्णा व सीओ सुनील कुमार मौके पर पहुंचे गए। उन्होंने टावर पर तिरंगा झंडा लगवा दिया। साथ ही गांव में दो अन्य टावरों पर भी तिरंगा झंडे लगवा दिए। तब मामला शांत हो सका। उधर, हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम समाज के सात लोगों के खिलाफ थाने में नामजद तहरीर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
सिपाही को कपड़े बदलवाकर उतरवाया झंडा
थाना प्रभारी ने दोबारा लगवाए गए भगवा ध्वज को उतरवाने के लिए जिस सिपाही को टावर पर भेजा, उसे वर्दी उतरवाकर सादा कपड़े पहनवा दिए थे। ताकि वह सामान्य व्यक्ति लगे और कोई किसी तरह का एतराज न हो। हालांकि भगवा झंडा उतरवाने को लेकर विरोध तो हुआ ही।
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जिस समय मैं मौके पर पहुंची उस समय टावर पर कोई झंडा नहीं था। लोगों की मांग थी कि यहां तिरंगा झंडा लगाया जाए और परचम-ए-नबी लगाने वालों पर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की है। किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। -राशि कृष्णा, उपजिलाधिकारी