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यूपी बोर्ड परीक्षा : आसान प्रश्न देख परीक्षार्थियों के चेहरे खिले

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जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा​र्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद
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पहले दिन हिंदी, सैन्य विज्ञान और वाणिज्य विषय की हुई परीक्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। हिंदी और वाणिज्य विषय के पेपर के साथ यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का बृहस्पतिवार से आगाज हो गया। पहले दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। सचल दल लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। प्रश्न पत्र सरल आने से परीक्षार्थियों के चेहरे खिल गए।
जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 99 केंद्र बनाए गए हैं। पहली पाली में हाईस्कूल की हिंदी और इंटर के सैन्य विज्ञान और दूसरी पाली में हाईस्कूल के वाणिज्य और इंटर की हिंदी की परीक्षा हुई। परीक्षार्थी समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए। केंद्रों पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने गहन तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को कक्षों में प्रवेश करने दिया।
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बोर्ड परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों में प्रश्नपत्र को लेकर काफी घबराहट थी। हालांकि यह घबराहट ज्यादा देर नहीं रही। प्रश्न पत्र आसान मिलने के बाद उनकी बेचैनी कम हो गई, क्योंकि प्रश्नपत्र अपेक्षा से कहीं ज्यादा अच्छा आया। ऐसे में समय से प्रश्न हल करने के बाद परीक्षार्थी बाहर निकले तो उनके चेहरे खिले नजर आए।

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- पहली बार बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। मन में परीक्षा को लेकर उथल-पुथल थी, लेकिन जब प्रश्नपत्र सामने आया, तो काफी अच्छा लगा, क्योंकि जो याद किया था, अधिकांश वही प्रश्न आए। - सनिया, हाईस्कूल

- प्रश्नपत्र कैसा होगा, निश्चित समय में इसे कैसे हल कर पाएंगे, ऐसे तमाम सवाल जहन में थे। इससे परीक्षा को लेकर काफी तनाव था। जब प्रश्नपत्र पढ़ा तो मन में शांति आई। पेपर बहुत अच्छा हुआ। - सुहानी गुप्ता, हाईस्कूल
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-परीक्षा को लेकर काफी समय से तैयारी कर रही हूं। उसका फायदा आज परीक्षा के दौरान मिला। अधिकांश वहीं प्रश्न आए, जिनकी लगातार तैयारी कर रहे थे। - राजीव, इंटर

- हिंदी का प्रश्नपत्र काफी सरल आया। इसकी वजह से प्रश्नपत्र समय से पहले ही हल कर लिया। अच्छे नंबर आने की उम्मीद है।
- सचिन कुमार, इंटर

बेसिक के 11 शिक्षक-शिक्षिकाओं को दी प्रतिकूल प्रविष्टि
- यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर शासन से जिला प्रशासन तक बेहद गंभीरता बरत रहा है। परीक्षा को लेकर कई दिनों से तैयारी की जा रही है। परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए अधिकारी, कर्मचारी से लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं की तैनात की गई। लेकिन बेसिक 11 शिक्षक-शिक्षिकाएं कक्ष निरीक्षण की ड्यूटी करने के लिए नहीं पहुंचे। ऐसे अतिरिक्त शिक्षकों से परीक्षा कराई गई। वहीं बीएसए स्वाती भारती ने 11 शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
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दिनभर दौड़ते रहे सचल दल
-परीक्षा के पहले दिन सचल दल लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। हालांकि उनको किसी भी केंद्रोें पर कोई भी परीक्षार्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए नहीं मिला। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद में कोठार पर उत्तर पुस्तिकाओं को जमा किया गया। हालांकि पहले दिन विलंब से उत्तर पुस्तिकाएं जमा हो पायी।

पहले दिन दोनों पालियों में 4,033 परीक्षार्थी रहे गैरहाजिर
बदायूं। यूपी बोर्ड की पहले दिन हाईस्कूल और इंटर मीडिएट की परीक्षा हुई। सुबह पहली पाली में 99 केंद्रों पर हाईस्कूल के पंजीकृत 36231 में से 33565 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 2575 गैरहाजिर रहे। वहीं पहली पाली में इंटर मीडिएट के सैन्य विज्ञान की परीक्षा थी। जिसमें कोई भी परीक्षार्थी पंजीकृत नहीं थी। दूसरी पाली में 25 केंद्रों पर हाईस्कूल वाणिज्य विषय की परीक्षा हुई। इसमें 500 में से 472 ने परीक्षा दी। जबकि 28 गैर हाजिर रहे। वहीं इंटरमीडिएट की 99 केंद्रों पर हिंदी विषय की परीक्षा हुई। इसमें 26558 में से 25128 ने परीक्षा दी और 1430 गैरहाजिर रहे। संवाद

डीएम ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
-डीएम मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, कुंवर रुकुम सिंह वैदिक इंटर कॉलेज नगला पूर्वी, राजकीय इंटर कॉलेज, हाफिज सिद्दीकी इस्लामिया इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने सीसी, स्ट्रांग रूम आदि व्यवस्थाओं को देखा। राजकीय इंटर कॉलेज में जिलास्तरीय मॉनिटरिंग रुम में तहसीलबार की जा रही निगरानी को भी देखा। वहीं केंद्रों पर सभी कर्मचारियों को आईडी कार्ड को परीक्षा के दौरान पहनने के निर्देश दिए।

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प्रवेश पत्र के अभाव में छूटी परीक्षा
-ब्लॉक जगत क्षेत्र के गांव अहिरामई निवासी छात्र अमरपाल ने बताया कि वह राजकीय हाई स्कूल गुरगांव में कक्षा 10 का छात्र है। उसने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य प्रवेश पत्र के बदले रुपये की मांग कर रहे थे। रुपये न देने पर उसको प्रवेश पत्र नहीं दिया। जिससे वह परीक्षा नहीं दे पाया। प्रधानाचार्य भूमिराज सिंह शाक्य ने बताया कि फीस जमा न होने के कारण छात्र का नाम काट दिया गया था।
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जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

जीआईसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों की चेकिंग करती कर्मचारी। संवाद

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