नहीं मिले जानवर के पगचिन्ह
रातभर अधिकारी जानवर को तलाशने का दावा करते रहे लेकिन शुक्रवार शाम तक सारे प्रयास विफल रहे। डिप्टी रेंजर हासिर खान ने बताया कि टीम अपना काम कर रही है। अभी यह पता नहीं चला है कि आखिर कौन सा जानवर था। उसके पगचिह्न नहीं मिले हैं।
एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा ने कहा कि रोटा गांव में जंगली जानवर दो बार हमला कर चुका है। अगर उसे भेड़ नहीं मिलेगी या कोई और जानवर नहीं मिलेगा तो वह लोगों पर हमला करेगा। इसमें वन विभाग की लापरवाही रही। पत्र देने पर ही गांव में पिंजड़ा लगवाया गया। अगर सख्ती से काम लिया होता तो शायद जानवर पकड़ा जाता।