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Budaun News: बेटियों से उजियारा, उन्नति और रोशनी ने किया कमाल

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इंटरमीडिएट में रोशनी सिंह और उन्नति शाक्य ने प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त किया, हाईस्कूल में आस्था अग्रवाल जिले में अव्वल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार फिर से बेटियों ने नाम रोशन किया। म्याऊं के शिवाजी शिशु मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा रोशनी सिंह और बिल्सी के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा उन्नति ने संयुक्त रूप से इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं हाई स्कूल में बिसौली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की आस्था अग्रवाल जिले में अव्वल रहीं।
मंगलवार को दूसरे पहर हजारों फूल एक साथ मुस्कुराए। परीक्षा परिणाम आते ही बच्चे खुशी से उछल पड़े। दोस्तों से लिपट गए। मां-बाप ने उन्हें गले लगा लिया। शिक्षक गदगद हो गए कि उनकी मेहनत रंग लाई। मिठाइंया बंटने लगीं। इंटरमीडिएट में 96.20 अंक पाकर रोशनी सिंह और उन्नति शाक्य ने जिले की टॉप टेन सूची में सबसे ऊपर रहीं। हाईस्कूल में आस्था ने 95 प्रतिशत अंक हासिल किए। सिर्फ ये ही नहीं, सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बेहतर परिणाम दिए।
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पिछले साल के मुकाबले इस बार हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा। 89.97 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पास हुए। पिछले साल हाईस्कूल का रिजल्ट 85.65 प्रतिशत रहा था। इंटर के रिजल्ट में गिरावट आई। 77.11 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही पास हो सके। जबकि पिछले साल 84.87 प्रतिशत बच्चे पास हुए थे।
बबई भटपुरा के श्री नौबत सिंह हायर सेकेंडरी स्कूल के रामजी ने 94.67 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया तो बिसौली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की छवि गुप्ता ने 94.33 प्रतिशत पाकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इनके अलावा श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज के लवी कुमार व उझानी के महात्मा गांधी पालिका इंटर कॉलेज के आदित्य प्रभात 94.60 प्रतिशत अंक पाकर दूसरे, डीडीएसवीएम इंटर कॉलेज के आदित्य सक्सेना 94.20 प्रतिशत अंक पाकर तीसरे स्थान पर रहे।


ट्यूशन पढ़ा नहीं, घर में भी सहयोग किया और छा गईं
रोशनी बोलीं - बेटा-बेटी मे फर्क न हो, दोनों को समान शिक्षा मिलनी चाहिए

सपना - इंजीनियर बनना चाहती हैं
फोटो- 21, 22
संवाद न्यूज एजेंसी
म्याऊं (बदायूं)। रोशनी सिंह ने 500 में से 481 अंक प्राप्त किए हैं। खास यह कि उन्होंने सिर्फ कॉलेज की पढ़ाई और स्वाध्याय पर ही भरोसा किया। घर के काम में सहयोग करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता से उनके परिवार समेत शिक्षकों और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है।

रोशनी सिहं ने बताया कि वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा कराना चाहती है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं। वह कहती हैं कि सभी अभिवाकों को चाहिए के वे बेटा-बेटी में फर्क न करके उन्हें समान शिक्षा दिलाएं।
रोशनी का परिवार मध्यम श्रेणी से ताल्लुक रखता है। उनके पिता विमल सिंह के पास अपनी कोई खेतीबाड़ी नहीं है। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली हैं, जिसे खुद ही किराये पर चलाकर परिवार का भरणपोषण करते हैं। विमल सिंह के एक पुत्री रोशनी व एक पुत्र अंकित है। रोशनी शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही हैं। घर के कामकाज में हाथ बंटाने में भी उन्होंने अपनी मां नन्ही देवी का हमेशा सहयोग किया, लेकिन इसका असर अपनी पढ़ाई पर नहीं आने दिया। रोशनी का भाई अंकित 14 साल का है। वह भी शिवाजी शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा नौ की पढ़ाई कर रहा है।
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फोटो- 23 व 24

आईएएस बनना चाहती हैं उन्नति
बोलीं - समाज को अच्छे और ईमानदार प्रशासक की जरूरत
युवाओं को सलाह- सोशल मीडिया पर समय न बर्बाद करें
संवाद न्यूज एजेंसी

बिसौली (बदायूं)। प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन करने वाली उन्नति शाक्य का सपना आईएएस बनने का है।

उन्नति कहती हैं कि आज के दौर में समाज को अच्छे और ईमानदार प्रशासक की महती आवश्यकता है। उन्हें बैडमिंटन खेलना बेहद पसंद है। मोबाइल पर समय गंवाना उसे कतई पसंद नहीं है। उन्नति ने आज के युवा वर्ग को सलाह देते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करने की जगह इसका सदुपयोग कर ज्ञान बढ़ाएं।
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उन्नति के पिता जितेन्द्र शाक्य बदायूं गन्ना विभाग में कार्यरत हैं। माता गीता शाक्य शिक्षामित्र हैं। उन्नति के नाना अशोक मौर्य विकासखंड बिसौली से एडीओ पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ तो उन्नति व उसके परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। पिता ने होनहार बिटिया को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया।
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