धमाके से दहला इस्लामनगर
कांप गईं दीवारें, चीख पड़े आसपास के लोगघरों से निकले पड़ोसी तो अख्तर के दो मंजिला मकान की जगह दिखा मलबे का ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। कस्बे में सोमवार को धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों और प्रतिष्ठानों में घर मौजूद लोेगों की चीख निकल गई। डर के मारे वे बाहर आ गए। वहां नजारा भयावह था। पड़ोसी अख्तर का दो मंजिला मकान पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था। अख्तर की जरा सी लापरवाही और धन कमाने की लालसा ने पत्नी सलामत और बेटे तैमूर को छीन लिया। अख्तर के पिता असगर पुराने समय से ही आतिशबाजी का काम करते आ रहे हैं। उनकी दुकान कस्बे से बाहरी ओर है। अख्तर ने भी पिता से आतिशबाजी बनाना सीखा था और पिता के लाइसेंस की आड़ में घर में आतिशबाजी की दुकान खोल ली। उसने घर में भारी मात्रा में बारूद का स्टाॅक कर रखा था। बारूद की मात्रा का अंदाजा लोग धमाके की भयावहता से लगा रहे हैं जिससे पूरा मकान जमींदोज हो गया।
लाइसेंस नहीं फिर भी चार साल से चल रही थी दुकान
इस्लामनगर मोहाली मोहल्ले में बिल्सी बदायूं मुख्य मार्ग पर जिस दुकान में अख्तर आतिशबाजी बनाने का काम करता था उस दुकान के बाहर बोर्ड लगा है जिस पर जीएसटी नंबर आदि पड़े हुए हैं। जो लाइसेंस नंबर पड़ा है वह इस दुकान का नहीं बल्कि उसके पिता असगर के नाम का है जो जूनियर हाईस्कूल रोड पर आतिशबाजी की दुकान चला रहे हैं। वह पिता के लाइसेंस की आड़ में घर में ही घर पर चार पांच साल से दुकान चलाता आ रहा था। घर पर ही आतिशबाजी और बारूद का स्टाक था। अधिकारियों की निगरानी पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
याद आया साढ़े पांच साल पहले हुआ हादसा
बदायूं में पटाखा फैक्ट्री में हुआ था धमाका, आठ की हुई थी मौत
बदायूं। धमाके ने साढ़े पांच साल पहले 26 अक्तूबर 2018 को शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव के पास एक पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके की याद दिला दी। उस वक्त विस्फोट में 8 लोगों की मौत हो गई थी और इलाज के दौरान दो अन्य लोगों ने भी दम तोड़ दिया था।। धमाका आदर्श नगर मोहल्ला निवासी श्यामलाल की बदायूं-ककराला रोड पर रसूलपुर गांव के पास छह दुकानों में हुआ था। इनमें एक दुकान सिविल लाइंस इलाके के दौरी नरोत्तमपुर निवासी संजू (25) ने किराये पर ले रखी थी। संजू दुकान में पटाखे बनाने और बेचने का काम करता था। धमाके से तीन दुकानें पूरी तरह ढह गई थीं। इमारत की ईंटें दूर तक जा गिरीं थीं। संवाद
मिनट दर मिनट
तेज धमाका 3:17 बजे
पड़ोसी बाहर आए 3:20 बजे
मलबे के ढेर पर रोती तमन्ना को उठाया 3:30 बजे
थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचे 3:35 बजे
छोटे कुरैशी ने मलबे से अर्फी को निकाला 3:40 बजे
जेसीबी मंगाईं गईं 3:45 बजे
एंबुलेंस पहुंची 3:50
मलबे से सलामत को बाहर निकाला गया 4:20 बजे
दमकल पहुंची 4:30 बजे
आतिशबाज अख्तर पहुंचे 4:35 बजे
तैमूर को मृत अवस्था में मलबे से निकाला 5:20 बजे
डीएम, एसएसपी पहुंचे 5:45 बजे
मकान का मलबा कराया साफ 6:05 बजे
मां बेटे के शव का पंचनामा भरा 7:00 बजे
मां-बेटे के शवों को जिला मुख्यालय भेजा 7:35 बजे