उफान पर बह रही नदी
ग्रामीणों के मुताबिक गांव मुस्कारा निवासी जयसिंह की पुत्री सत्यवती और उसकी चचेरी बहन शोभा उर्फ नन्ही पुत्री ज्ञान सिंह भैंसोर नदी किनारे भैंसों को चराने गईं थीं। उस दौरान उनके साथ राजेंद्र का बेटा छोटा भी मौजूद था। बताते हैं दोनों बहनें भैंसों को चराते-चराते नदी किनारे ले गईं। वहां से दोनों बहनें भैंस पर बैठ गईं और नदी पार करने लगीं। ग्रामीणों के अनुसार इस समय क्षेत्र में बाढ़ आई हुई है। इससे भैंसोर नदी भी उफान पर बह रही है।
बीच नदी में पहुंचकर भैंसों ने अचानक पलटी मार दी, जिससे दोनों बहनें नदी में बह गईं। ज्यादा पानी होने की वजह से वह खुद को नहीं बचा सकीं और डूब गईं। यह देखकर राजेंद्र के बेटे छोटा ने शोर मचा दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर नजदीकी खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े। कुछ लोग नदी में कूद भी गए लेकिन वह दोनों बहनों को नहीं निकाल पाए।
कुछ ही देर में गांव के तमाम लोगों के साथ उनके परिवार वाले भी आ गए। सूचना पर थाना पुलिस भी पहुंच गई। उसके बाद नजदीकी इलाके से गोताखोर बुलवाए गए। दोनों बहनों की तलाश कराई गई। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक बजे दोनों बहनों के शव नदी से निकाले जा सके। परिवार वाले उनके शव अपने घर ले गए।