कादरचौक। थाना क्षेत्र में खेती कर रहे दो लोगों को गोली मारकर अपने दुश्मनों को फंसाने का षड्यंत्र रचने वाले अब खुद जोरी नगला के जंगल में असलहे बनाते हुए पकड़े गए। उनके पास से राइफल, बंदूक समेत कई असलहे और असलहे बनाने के औजार बरामद हुए हैं। दोनों आरोपी बदमाश कासगंज जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्जकर दोनों बदमाशों को जेल भेज दिया है।
शुक्रवार को एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि बृहस्पतिवार रात कादरचौक एसओ उदयवीर सिंह और एसआई हरगोविंद सिंह थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें पता चला कि जोरी नगला के जंगल में कुछ लोग असलहे बना रहे हैं। इससे उन्होंने पुलिस टीम के साथ जाकर घेराबंदी कर दी। दो लोगों को मौके से दबोच लिया। उनके पास से एक राइफल, एक बंदूक, तीन तमंचे और कई अधबने असलहों के साथ औजार, नाल, बट समेत काफी सामान बरामद हुआ। उन्होंने पूछताछ में अपने नाम कासगंज जिले के सिकंद्रपुर वैश्य थाना क्षेत्र के गांव न्याजी नगला निवासी इरफान और डढ़ईया नगला निवासी ज्ञान सिंह बताए।
एसपी सिटी ने बताया कि यह वही इरफान है, जिसने कछला के दो लोगों को फंसाने के लिए कादरचौक के दो किसानों को गोली मारी थी। दरअसल, कछला गंगा घाट पर पंखिया नगला के कमल हसन की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या में इरफान का बेटा और साले फंसे थे।
इरफान कई बार कमल हसन के बहनोई नाजिम और जूने आलम से फैसले की बात कर चुका था, लेकिन वह फैसले को तैयार नहीं हुए। इससे इरफान ने दोनों लोगों को फंसाने के लिए 28 दिसंबर 2023 की रात लभारी निवासी किसान दाताराम और गढ़िया नगला निवासी मुनेश को पैर में गोली मारी थी। उस दौरान ज्ञान सिंह और उसका दोस्त राजकुमार पकड़ा गया था। इरफान मौके से भाग गया। अब इरफान भी, ज्ञान सिंह के साथ असलहे बनाते पकड़ा गया। इस दौरान सीओ शक्ति सिंह मौजूद रहे।
ऐसे पकड़े गए थे पहले
आरोपी इरफान, ज्ञान सिंह और राजकुमार ने मिलकर दोनों किसानों को गोली मारी थी। वह किसानों को जान से मारना नहीं चाहते थे। वह केवल नाजिम और जूने आलम को फंसाना चाहते थे। उन्होंने पैर में गोली मारने के बाद किसान दाताराम और मुनेश को उपचार कराने के लिए रुपये भी दिए थे। घटनास्थल के नजदीक ही नाजिम और जूने आलम की आढ़त के विजिटिंग कार्ड भी फेंक दिया था। पुलिस इसी बात से छानबीन में जुटी थी, कोई गोली मारने के बाद रुपये क्यों देगा। इसके बाद छानबीन में पूरा मामला 2 जनवरी 2024 को खुला। तब आरोपी ज्ञान सिंह और राजकुमार जेल गए। अब इनका तीसरा साथी इरफान भी पकड़ा गया है।