उझानी (बदायूं)। सड़क हादसों में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। एक कांवड़िया पिकअप की चपेट में आ गया तो दूसरे की बाइक फिसल गई। दोनों कांवड़िये बरेली जिले के निवासी हैं। परिजनों ने उनके शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इंकार कर दिया। इसके अलावा छह कांवड़िये घायल भी हो गए हैं।
बरेली-मथुरा हाईवे पर पहला हादसा छतुइया के पास हुआ। बरेली में सुभाषनगर थाना क्षेत्र में चौपुला इलाके में गन्ना दफ्तर के पास गली नंबर- चार निवासी संजय (19) पुत्र मानसिंह शिवभक्तों की टोली के साथ रविवार देर शाम कछला घाट से चले। बताते हैं कि रास्ते में बाइक फिसल जाने के बाद संजय को अन्य बाइक सवारों ने चपेट में ले लिया। इससे लहूलुहान संजय की मौके पर ही मौत हो गई। साथी कांवड़िये संजय को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।
करूआ पुल और छतुइया के बीच डीजे लगी पिकअप और बाइक सवार में भिड़ंत हो गई। इस दौरान बरेली के देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव भोपतपुर निवासी प्रवीण कुमार (18) पुत्र रतिराम को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रात करीब एक बजे प्रवीण ने दम तोड़ दिया।
प्रवीण के शव का भी परिजन पोस्टमार्टम कराए गए बिना घर लेकर चले गए। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ियों की पिकअप कब्जे में ले ली गई है, लेकिन दोनों कांवड़ियों के परिजनों ने कोतवाली पुलिस को लिखकर दे दिया है कि वह पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।
हादसों में बाइकें फिसल जाने से आंवला के गांव बेहटा निवासी 30 वर्षीय कल्लू पुत्र करन, बरेली में ही चौपुला निवासी जीतपाल पुत्र पप्पू और बिहारीपुर के अनुराग भी घायल हो गए। इसके अलावा चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
बाइक सवार कांवड़ियों ने नहीं लगाए थे हेलमेट
कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ने कांवड़ियों को हेलमेट लगाने के लिए कई दिन पहले जागरूक करने की कोशिश की थी। पुलिस सहायता केंद्रों पर कुछेक को रोक कर हेलमेट भी भेंट किए थे, लेकिन यात्रा के दौरान ज्यादातर कांवड़ियों ने हेलमेट का इस्तेमाल नहीं किया। इस दौरान जब भी कहीं पर हादसा हुआ, कांवड़ियों के सिर में चोट आई। सावन महीने के दूसरे रविवार को ही हेलमेट के अभाव में चार कांवड़ियों की जान चली गई थी। इसके बाद बीती रात भी दो कांवड़ियों को जान से हाथ धोना पड़ गया।