कुंवरगांव (बदायूं)। कस्बे में बिना चहारदीवारी का नाला बच्चों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। दो हादसे होने के बाद यह अन्य बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है पर नगर पंचायत ने पिछले साल एक बच्ची के डूबने के बावजूद सबक नहीं लिया। परिणाम स्वरूप शनिवार रात एक और बच्चे की नाले में डूबकर जान चली गई।
शनिवार को कस्बे में जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां नाले पर बाउंड्री ही नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ समय पहले यहां पानी भरा रहता था। लोगों को नारकीय जीवन गुजारना पड़ रहा था। बमुश्किल नगर पंचायत ने सड़क ठीक करवा दी। सड़क ऊंची डलवा दी गई। इससे सड़क किनारे का नाला और गहरा हो गया।
वहां सड़क भी ज्यादा चौड़ी नहीं है लेकिन बच्चों के लिए ज्यादा खतरा बना रहता है। पिछले साल इसी जगह पर एक बालिका की डूबकर मौत हो गई थी। उस दौरान नगर पंचायत ने एक गड्ढा खोदवाया था। बच्ची की मौत के बाद गड्ढा पटवा दिया गया।
अब शनिवार रात एक तीन वर्षीय बालक राज की नाले में डूबकर मौत हो गई। राज अपने माता-पिता का अकेला बेटा था। लोगों का कहना है कि अगर नाले की बाउंड्री नहीं बनाई जाए तो कम से कम नाले के ऊपर पटिया ही डलवा दी जाएं, जिससे बच्चों के लिए खतरा नहीं रहेगा।
बच्चे की एक हादसे में जान गई है। नाले खुले होते हैं, उन्हें बंद नहीं किया जा सकता। अगर बजट आता है तो नाले पर चहारदीवारी बनाने की कोशिश की जाएगी। - रविचंद भारती, ईओ