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Budaun News: सूदखोरों से तंग ग्रामीण ने एसएसपी कार्यालय के बाहर पीया कीटनाशक

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(04 बीडीएन-03) नागेश
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बदायूं। सूदखोरों से तंग आकर ग्रामीण ने एसएसपी कार्यालय पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे सीओ सिटी ऑफिस में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। वहां सूदखोर भी पहुंच गए। सीओ ऑफिस से बाहर निकलने के बाद सूदखोर उसे धमकाने लगे। इस पर वह कार्यालय से बाहर आया और कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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बिनावर थाना क्षेत्र के गांव गिरधरपुर निवासी 40 वर्षीय नागेश पुत्र रामौतार के मुताबिक सात महीने पहले पत्नी के बीमार होने पर गांव के ही दो सूदखाेरों से दो प्रतिशत ब्याज पर 1.70 लाख रुपये लिए थे। कुछ समय बाद उन्होंने एक लाख दो हजार रुपये वापस कर दिए और बाकी रकम कुछ दिन में ही देने को कहा।
पैसा वापस करने पर सूदखोरों ने उसकी ओर से दी गई रकम से 10 प्रतिशत ब्याज की कटौती कर ली। कुछ दिन बाद वह उस पर चक्रवृद्धि ब्याज चलाने लगे। इस तरह से उस पर तीन लाख 70 हजार रुपये निकाल दिए। नागेश का आरोप है कि इसके बाद भी वह उसका उत्पीड़न करते रहे।
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आईजीआरएस पर शिकायत की तो सीओ ने बुलाया
नागेश के मुताबिक सूदखोरों से परेशान होकर उसने आईजीआरएस पर शिकायत की तो सीओ सिटी आलोक मिश्रा के ऑफिस में उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए तीन दिन पहले बुलाया गया। इसके बाद शुक्रवार को उन्हें बिनावर थाने बुलाया गया, जहां सूदखोर भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अब सीओ के यहां फैसला होगा। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष सीओ के यहां आए और अपना पक्ष रखा। इसके बाद दोनों आफिस से निकले। जहां सूदखोरों ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद वह वहां से निकला और कीटनाशक पी लिया।

सिविल लाइंस पुलिस ले गई जिला अस्पताल
- एसएसपी कार्यालय के बाहर जब नागेश की हालत बिगड़ी तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने उसको शुक्रवार अपराह्न करीब तीन बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में एसएचओ बिनावर अजब सिंह भी जिला अस्पताल पहुंचे और उसके बयान दर्ज किए। मगर आरोपियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। नागेश की हालत फिलहाल ठीक है।

सूदखोरों ने छीन लिया था रोजी-रोटी का सहारा
नागेश ईको गाड़ी बुकिंग पर चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। सूदखोरों ने उन पर मोटा ब्याज जोड़ते हुए उनकी ईको भी छीन ली। गाड़ी छीनने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी का भी संकट आ गया। वह गाड़ी वापस दिलाने के लिए ही इधर से उधर पुलिस के पास दौड़ रहे थे। हालांकि नागेश का कहना है कि सीओ ने दोनों पक्षों से सच बताने को कहा था। सीओ ने सूदखोरों को गाड़ी वापस करने की चेतावनी देते हुए यह भी कहा था कि थाने चले जाना। इसके बाद भी सूदखोर कार्यालय के बाहर आकर उन्हें धमकाते रहे। यह भी कहा कि पुलिस ने तो अपना काम सही किया है, लेकिन सूदखोर लगातार धमका रहा है। इधर सीओ का कहना है कि कार्यालय के बाहर का यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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