बदायूं। जानलेवा हमले के 14 साल बाद अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। दोनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव नदोलिया निवासी सुरेंद्र ने 31 अगस्त 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि सुबह करीब आठ बजे चाचा धर्मपाल गांव में पुलिया के पास अखबार पढ़ रहे थे कि तभी गांव का ही नन्हें व विशन पाल आ गए। विशन पाल ने चाचा को पकड़ लिया और नन्हें ने कांता मारकर जानलेवा हमला कर दिया। हमला होते ही गांव के लोग आ गए। इसी बीच आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद दोनों भाइयों को सजा सुनाई।