बदायूं। जानलेवा हमले के 13 साल पुराने मामले में तीन लोगों को सजा सुनाई गई है। स्पेशल जज ईसी एक्ट की न्यायाधीश रेखा शर्मा ने दो सगे भाइयों समेत तीन को दोषी करार दिया है। दोषियों को पांच-पांच साल की सजा के साथ ही 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव भगता नगला निवासी जयवीर सिंह ने 31 जनवरी 2011 को चार लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि खेत की मेड़ को पड़ोसी खेत वाले सगे भाई नन्हूं और तोफान सिंह, कल्याण और लटूरी आए दिन तोड़ देते हैं। बेटा सोमवीर ने इन लोगों से मेड़ न तोड़ने को कहा तो चारों ने जानलेवा हमला कर दिया।
बचाने पहुंचा तो उनके साथ भी मारपीट की। दोनों के सिर में गंभीर चोट आई थी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। विवेचक ने घटना से संबंधित साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था, तब से मामला न्यायालय में चल रहा था। लटूरी की तारीख के दौरान ही बीमारी से मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी सुधीर कुमार मिश्रा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद नन्हूं, तोफान और कल्याण को सजा सुनाई।