बदायूं। आखिरकार जिला अस्पताल से तीन ईएमओ रिलीव हो ही गए। इनमें एक चिकित्सक ने एक माह पहले त्यागपत्र दिया था। जबकि दो चिकित्सक सरकारी हो गए। उन्होंने बरेली के भमोरा में ज्वाइन कर लिया है। इससे जिला अस्पताल के अन्य चिकित्सकों पर बोझ बढ़ गया है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी अब तक छह चिकित्सक संभाल रहे थे। इनमें डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. एनके सिंह, डॉ. विकल्प चौहान, डॉ. मोहित यादव और डॉ. अजीतपाल सिंह सुबह दोपहर रात के अनुसार ड्यूटी कर रहे थे। इसके बावजूद चिकित्सकों की कमी थी। इससे अस्पताल के अन्य चिकित्सकों को रिलीवर के तौर पर लगाया गया था लेकिन एक माह पहले डॉ. अजीतपाल सिंह ने दे दिया। उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी नहीं छोड़ी थी। अब उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज ज्वाइन कर लिया है। वहीं डॉ. मोहित यादव और डॉ. विकल्प चौहान ने संविदा छोड़ दी है। दोनों चिकित्सक सरकारी हो गए हैं। उन्होंने बरेली के भमोरा स्वास्थ्य केंद्र पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। इससे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर संकट खड़ा हो गया है। अब अस्पताल प्रशासन के पास सिर्फ दो ही ईएमओ बचे हैं। डॉ. एनके सिंह अक्सर रात के समय ड्यूटी करते हैं। जबकि डॉ. जीके गुप्ता सुबह के समय ड्यूटी करते हैं। अब इमरजेंसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज और अन्य चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।
अस्पताल के तीन डॉक्टर रिलीव हो गए हैं। इससे अस्पताल में चिकित्सकों की कमी हो गई है। अब जो डॉक्टर बचे हैं, उन्हें ही इमरजेंसी ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्हीं से काम चलाना पड़ेगा। अगर शासन नए डॉक्टर भेजे तो कहीं राहत मिलेगी।
- डॉ. सुकुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल