उझानी के अल्लापुर चमारी गांव के जंगल में तेंदुआ की दस्तक की जानकारी देते ग्रामीण। स्रोत- ग्रामी
उझानी। अल्लापुर चमारी गांव के जंगल में तेंदुआ की दस्तक का शोर मच गया। कुछ लोग खेतों में पहुंचे तो उन्हें मक्का की फसल में मृत के मोर के अवशेष पड़े दिखे। खेत मालिक ने बताया कि उन्होंने तेंदुए की शक्ल जैसा जानवर भागते देखा था। वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मोर के अवशेष बरामद कर लिए, लेकिन तेंदुए की दस्तक के सबूत मिलने से इंकार किया।
गांव अल्लापुर के मजरा चमारी निवासी श्याम सिंह के मुताबिक- वह सुबह करीब आठ बजे खेत में मक्का की फसल देखने के लिए पहुंचे तो उन्हें तेंदुआ जैसा जानवर नजर आया। जानवर खेत में मौजूद मोर पर हमला कर चुका था। खेत मालिक के जरिये लोगों को जब इसकी भनक लगी तो वह भी खेत की ओर दौड़ आए। उन्हें जानवर तो नहीं दिखा, लेकिन मृत के मोर के अवशेष पड़े दिखे। खेत मालिक ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि फसल में एक दिन पहले भी एक और मोर के अवशेष के पंख पड़े दिखे थे।
तेंदुए की दस्तक के शोर के बीच भारतीय किसान यूनियन सत्यवीर सिंह चमारी भी गांव पहुंचे। उन्होंने बताया ग्रामीणों में इसे लेकर दहशत है। वन कर्मी जितेंद्र कुमार ने मृत मोर के अवशेष बरामद कर लिए। अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रेंजर आकांक्षा गुप्ता ने बताया कि तेंदुए को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योंकि पैरों के निशान तो नजर आ रहे हैं, लेकिन वह स्पष्ट नहीं हैं। फिलहाल, दो वन कर्मियों को गश्त पर लगा दिया गया है। अगर तेंदुआ होगा तो इलाके में कहीं नजर जरूर आएगा।
पिछले साल बुटला के जंगल में मिला था मृत तेंदुआ
इलाके के ही गांव बुटला दौलत के जंगल में पिछले साल एक बगीचे में मृत जानवर मिला था। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया तो उसे जंगली बिल्ली बताकर तेंदुआ का शव होने से इंकार कर दिया था। डीएफओ के आदेश पर जानवर के शव का आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम कराया तो वह तेंदुआ बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट करीब तीन महीना बाद सामने आई थी। बताते हैं कि मृत तेंदुआ व्यस्क था। माना गया था कि जानवरों के हमले में घायल होने से ही उसकी मौत हुई थी।