बदायूं। कछला से गंगाजल लेने उमड़े कांवड़ियों की भीड़ से शनिवार रात से रविवार शाम तक बरेली-मथुरा हाईवे पर रुक-रुककर जाम लगता रहा। सुरक्षा को लेकर प्रत्येक चौराहे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
कछला गंगाघाट पर आसपास के जिलों के साथ ही दूर जनपदों से भी शिव भक्त कांवड़ लेने आ रहे हैं। कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉली और डीसीएम पर डीजे के साथ रात भर निकलते रहे। कांवड़ियों के लिए गंगा घाट पर पार्किंग की व्यवस्था तो की गई, लेकिन लाखों की संख्या में कांवड़ियों के पहुंच जाने से हाईवे पर जाम लगता रहा।
छतुईया फाटक से कछला तक रहा जाम
उझानी से निकलने के बाद छतुईया फाटक से कछला तक शिव भक्तों की कतार लगी रहीं। इससे करीब सात किलोमीटर तक जाम लगा रहा। कछला चौराहे से पैदल गंगा घाट तक पहुंचने में भी कांवड़ियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अधिकारी लेते रहे कांवड़ यात्रा का जायजा
शनिवार रात से कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी जगह-जगह जाकर निरीक्षण करते रहे। पुलिस कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया कि अपने प्वाइंट से हटेंगे नहीं। रूट डायवर्जन व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया गया।
अपने ही वाहन चालकों की वजह से जाम में फंसे कांवड़िये
उझानी। कांवड़ियों को कछला चौराहे समेत तीन-चार स्थानों पर जाम से रुबरु होना पड़ा। रविवार तड़के करीब पांच बजे कछला में राधेलाल कॉलेज के पास जाम लगा तो घंटाभर में ही कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कॉलेज के आसपास तो आवागमन शुरू करा दिया, लेकिन चौराहे के पास जाम लग गया। यहां भी जाम खुलवाने में पुलिस कर्मियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। पूर्वाह्न में जाम वितरोई मोड़ के पास लगा। चश्मदीदों में जंगी सिंह ने बताया कि कांवड़ियों के वाहनों के चालकों ने ही अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बेतरतीब ढंग से निकालने की कोशिश की, जो जाम लगने की असल वजह बनी। संवाद