दातागंज। जिला प्रशासन कछला पर व्यवस्था बनाने में जुटा रहा। जबकि, बेलाडांडी घाट पर अव्यवस्था के चलते जान चली गई। मात्र दो पुलिसकर्मी तैनात थे, जो किसी को रोकटोक नहीं रहे थे। युवक पुल से छलांग लगाकर नदी में कूद रहे थे। यही कारण था कि कोई भी कहीं भी स्नान करने लगा था। इसी अव्यवस्था के चलते एक की जान चली गई।
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब प्रशासन की ओर से इस तरह बड़े पर्व पर लापरवाही बरती गई है। कछला पर व्यवस्था बनाने में अधिकारी इतने व्यस्त हो चुके थे कि उन्होंने आसपास के घाटों पर कोई व्यवस्था ही नहीं देखी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमल अपने दोस्तों के साथ रामगंगा नदी में स्नान कर रहा था। वह पुल के नीचे था। वहीं गंगा की धार के भंवर में फंसकर गहरे पानी में चला गया। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया लेकिन वहां कोई गोताखोर मौजूद नहीं था। जिससे युवक को तत्काल बाहर नहीं निकाला जा सका। इसकी सूचना पर परिवार वाले कई गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंच गए। उसके बाद रामगंगा नदी में युवक की तलाश कराई गई। करीब तीन घंटे बाद युवक को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी बोले, खेल-खेल में हुआ हादसा
- बेलाडांडी घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का यह भी कहना कि विमल अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान के दौरान खेल कर रहा था। कुछ लोग गंगा के पुल से नीचे कूद रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ।