पिछले कई वर्षों से नालों की सफाई के नाम पर निभाई जा रही सिर्फ औपचारिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मानसून आने से पहले हर साल नगर पालिका प्रशासन की ओर से नालों की तलीझाड़ सफाई के लिए अभियान चलाया जाता है। मगर, पिछले कई वर्षों से इस संबंध में सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। इस बार भी प्री मानसून आने के बाद भी पालिका प्रशासन ने अभियान शुरू नहीं किया है। ऐसे में इस बार भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
पिछले कई वर्षों से नालों की तलीझाड़ सफाई के नाम पर नगर पालिका प्रशासन ने महज औपचारिकता निभाई है। बजट तो खर्च किया, लेकिन धरातल पर नालों में जमा दलदल दूर नहीं की गई। इस कारण हर बार ही लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। इस बार भी बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन नालों की सफाई को लेकर अभियान शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में इस बार भी साफ दिख रहा है लोगों को जलभराव से जूझना पड़ेगा।
-
शहर के इन इलाकों ज्यादा रहता है जलभराव
जवाहरपुरी, मधुवन कॉलोनी, नेकपुर, कल्याण नगर, शहबाजपुर चौराहे से नई सराय पुलिस चौकी, गांधी ग्राउंड एरिया, लावेला चौक से नगर पालिका, छह सड़का से बाबूराम मार्केट, पनबड़िया, लोटनपुरा, शिवपुरम।
-
मशीन चलने से पहले ही हो गई थी खराब
वर्ष 2022 में शहर के नालों की सफाई के लिए नगर पालिका प्रशासन ने लाखों रुपये खर्च कर नाला सफाई मशीन खरीदी थी। ताकि चोक नालों की तलीझाड़ सफाई हो सके। नाला सफाई की मशीन खरीदी गई तो नगर पालिका प्रशासन ने दावा किया था कि इस बार नालों की तलीझाड़ सफाई होगी और शहर से जलभराव की समस्या खत्म होगी। मगर, मोटी कमीशन के फेर में खरीदी गई मशीन की गुणवत्ता सही नहीं निकली। मशीन चलने से पहले ही खराब हो गई।
-
अतिक्रमण भी बनता है नालों की सफाई में बाधक
शहर में नालों के ऊपर अतिक्रमण हो चुका है। इसकी वजह से सफाई सही से नहीं हो पाती है। स्थायी अतिक्रमण की वजह से सफाई कर्मचारी नालों को सही से साफ नहीं कर पाते हैं। ऐसे में अतिक्रमण भी अभियान में बाधक बनता है।
-
नालों की सफाई कराई जा रही है। तलीझाड़ सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जल्द ही अभियान चलाकर सभी नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जाएगी।
- डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद
रोडवेज चौराहे के पास चोक पड़ा नाला। संवाद
रोडवेज चौराहे के पास चोक पड़ा नाला। संवाद
रोडवेज चौराहे के पास चोक पड़ा नाला। संवाद