बदायूं। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। एक साल से लगातार हादसों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जनवरी से मार्च तक 120 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें 92 लोगों की जान चली गई, जबकि 78 घायल हुए। वहीं पुलिस और परिवहन विभाग के जरिए हादसे रोकने के लिए हो रहे प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं।
जिले में 22 थानों के बीच 2,400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा परिवहन विभाग भी चेकिंग अभियान चलाता है। बावजूद इसके सड़क हादसे कम नहीं हो रहे। सबसे अधिक हादसे उझानी, वजीरगंज, बिसौली के रानेट, अलापुर, दातागंज रोड व ककराला रोड पर दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस की अलग से व्यवस्था है। बावजूद इसके सड़क हादसों पर लगाम नहीं लग पा रही।
बदहाल एमएफ हाईवे माना जा रहा हादसों की वजह
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद (एमएफ) हाईवे पर हो रहे गहरे गड्ढों की वजह से ही अलापुर थाना क्षेत्र के संजरपुर, इस्माइलपुर, सखानूं, म्यांऊ सहित अन्य जगह पर आए दिन हादसे होते आ रहे हैं। विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी हादसों में मरने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। वहीं हाईवे के लिए बजट जारी होने के बाद भी मरम्मत कार्य ठप है।
सड़क हादसों में हर माह जा रही 30 से अधिक की जान
यातायात पुलिस विभाग के आंकड़ों से साफ है कि जिले में हर माह सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 30 से अधिक पहुंच जाती है। जनवरी से मार्च के आंकड़े यही बयां कर रहे हैं।
बदायूं में 42 ब्लैक स्पॉट
वर्तमान में जिले में 42 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें मलगांव रेलवे क्रॉसिंग, घटपुरी, बुटला दौलत, खेड़ा नवादा चौराहा, एआरटीओ चौराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, रानेट चौराहा, हतसा, ओरछी चौराहा, खंदक, उस्मानपुर, मुजरिया चौराहा, कौल्हाई, उघैनी पुलिया आदि ब्लैक स्पॉट हैं।
फैक्ट फाइल :-
माह हादसे मृतकों की संख्या घायलों की संख्या
जनवरी 38 32 28
फरवरी 44 31 27
मार्च 38 29 23