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Budaun News: बाहरी बसों को रोडवेज परिसर में न आने देने से चौराहे पर लगता है जाम

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रोडवेज चौराहे से आंबेडकर पार्क तक खड़ी रोडवेज बसें। संवाद
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बदायूं। रोडवेज चौराहे पर जाम लगना स्थायी समस्या बन गई है। दरअसल, यहां दूसरे डिपो की बसें सुबह से लेकर शाम तक खड़ी रहती हैं। इन्हें बस अड्डा परिसर में नहीं आने दिया जाता है। कभी-कभी तो हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों का पैदल निकलना तक दूभर हो जाता है।
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रोडवेज बस अड्डे के बाहर चौराहे पर कई सालों से वाहनों का कब्जा है। प्राइवेट बस स्टैंड होने के बावजूद बरेली जाने वाली बसें चौराहे पर खड़ी होकर ही सवारियां भरती हैं। उधर, चौराहे से जुड़े वाटर वर्क्स रोड पर टैक्सियों का कब्जा है। चूंकि इन्हें यातायात और चौकी पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, सो इनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हो पाती है।
चौराहे पर खड़ी होने वाली रोडवेज बसों की संख्या भी कम नहीं है। बरेली, कासगंज, एटा, आगरा, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद, दिल्ली, कौशांबी, बुलंदशहर और अलीगढ़ आदि डिपो की बसें चौराहे पर ही आकर खड़ी हो जाती हैं। उन्हें बस अड्डा परिसर में नहीं आने दिया जाता है। इस वजह से चौराहे पर दिन में कई बार जाम लगता है।
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कर्मचारी बस अड्डे में घुसने नहीं देते... पुलिस कर देती है चालान
दूसरे डिपो के चालक-परिचालकों को बस अड्डे के बाहर बसें खड़ी करने पर तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक तो उनकी बसों को बस अड्डे के अंदर नहीं आने दिया जाता है, दूसरी ओर पुलिस चौराहे पर बसों को खड़ा नहीं होने देती है। चौराहे पर जो भी बस खड़ी दिखाई देती है, पुलिस उसका चालान कर देती है। चालान भी चालक-परिचालक को खुद ही भरना पड़ता है।

- रोडवेज बस अड्डे पर ज्यादा जगह नहीं है। अगर दूसरे जिलों की बसों को यहां खड़ा कराया जाए तो बदायूं डिपो की बसों को खड़ा होने के लिए जगह नहीं बचेगी। यहां रात में 8:30 बजे के बाद ही बाहर की बसों को खड़ा करने की अनुमति है। उन्हें सुबह छह बजे बस अड्डे से बाहर कर दिया जाता है। - धणेंद्र कुमार चौबे, एआरएम

रोडवेज चौराहे से आंबेडकर पार्क तक खड़ी रोडवेज बसें। संवाद

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