उसहैत पीएचसी में रखा खाली ऑक्सीजन सिलिंडर। संवाद
बदायूं। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उसहैत में स्टाफ नर्स तो असुरक्षित हैं ही इसके साथ नवजात का जीवन ही दांव पर लगा रहता है। अक्सर प्रसव के बाद नवजात को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसके लिए यहां ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तो लगा है, लेकिन बिजली के अभाव में यह चलता नहीं। सिलिंडर रखा है, वो भी खाली है। ऐसे में हाथ से संचालित ऑक्सीजन बैग से काम चलाया जाता है।
उसहैत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 से 31 अगस्त तक करीब सौ से ज्यादा प्रसव हुए। चार स्टाफ नर्सों ने सुरक्षित तरीके से प्रसव तो करा दिए, लेकिन नवजात को भर्ती नहीं किया। बताया जा रहा है कि पीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगा है, जो बिजली आने पर ही चलता है।
पीएचसी पर देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति है। इस कारण रात में अक्सर बिजली चली जाती है। बिजली आपूर्ति का हाल यह है कि कभी कभार तो एक-दो दिन तक आपूर्ति नहीं आती है। ऐसे में नवजात को ऑक्सीजन की जरूरत पड़े तो उसके लिए ऑक्सीजन सिलिंडर रखा गया है, लेकिन लापरवाही का हाल यह है कि सिलिंडर खाली है।
ऐसे में इमरजेंसी में अगर नवजात को बचाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो हाथ वाले बैग से ऑक्सीजन दी जाती है, जो कि ज्यादा कारगर नहीं है। बताते हैं कि हाथ से पंप करके दी जाने वाली ऑक्सीजन फेफड़ों में पूरी तरह से नहीं पहुंच पाती। खुद स्टाफ का मानना है कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से जो लाभ मिल सकता है वह दूसरे तरीके से नहीं। तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद यहां सीएचसी के डॉक्टर सुध नहीं ले रहे।
जल्द सुधरवाएंगे पीएचसी की हालत
सीएमओ डा. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि उसहैत पीएचसी पर प्रसव की संख्या अच्छी है। यहां मरीज भी ठीक आ रहे हैं। ऐसे में यहां पर जो कोई भी दिक्कत होगी उसे अविलंब सही कराया जाएगा। ऑक्सीजन कन्सेट्रेटर को चलाने के इंतजाम किए जाएंगे।
उसहैत पीएचसी में रखा खाली ऑक्सीजन सिलिंडर। संवाद