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Budaun News: स्टेडियम है लेकिन कोच नहीं, कैसे खेले खिलाड़ी

Thu, 29 Aug 2024 05:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम । संवाद
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बदायूं। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू से ही कोच और सामान का अभाव रहा है। ऐसे में जिले के खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। स्टेडियम में अभी जिला क्रीड़ा अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी के अलावा कोई भी स्थायी कोच नहीं है। स्टेडियम में कम से कम 12 कोच होने चाहिए जबकि क्रीड़ा अधिकारी को मिलाकर पांच हैं। इनमें तीन अंशकालीन हैं।
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जिले में 1980 में बदायूं-बिजनौर हाईवे पर गांव बहेड़ी के पास जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्थापना हुई। तब जिले के खिलाड़ियों को यह उम्मीद बनी थी कि निश्चित तौर पर स्टेडियम का लाभ उन्हें मिलेगा। जैसे-जैसे समय बीतता गया स्टेडियम अव्यवस्थाओं का शिकार होता गया। मौजूदा वक्त में स्टेडियम में सुविधाओं पर नजर डालें तो कई महत्वपूर्ण खेलों के कोच तक नहीं है। यदि सुविधा हो तो यही कोच इन्हीं बच्चों को आगे ले जा सकते है।
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बगरैन में है मिनी स्टेडियम

- कस्बा बगरैन में तीन माह पहले ही एक मिनी स्टेडियम बना है। यहां पर भी खेल सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। गांव के अलावा आसपास क्षेत्र के बच्चे इसमें खेलते रहते हैं। जब मिनी स्टेडियम की स्थापना की जा रही थी, तब क्षेत्र के लोगों में बेहद खुशी भी थी और उन्हें इस बात की उम्मीद थी कि अब खेल जगत में अपनी प्रतिभा का कमाल दिखा सकते हैं, लेकिन सुविधा नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में ये हैं खेल प्रशिक्षक
-अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी
-नाजिया बेगम, उप जिला क्रीड़ा अधिकारी
-राजीव कुमार, भारोत्तोलन, अंशकालिक

-शैवर अली खाान, बॉक्सिंग, अंशकालिक

-सैयद आबिद अली, हॉकी, अंशकालिक



साई की ओर से कराई जा रही तीरंदाजी

बदायूं। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें साई की तरफ से ही कोच की नियुक्ति की गई। यहां तक की खेल की सभी सुविधाएं भी साईं की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है।




-जब हम खेलते थे, तब जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोई भी सुविधा नहीं थी, अब भी हालात ज्यादा नहीं बदलते हैं। अब कोच जरूर तैनात है, इससे खिलाड़ियों को राहत है, लेकिन सामान पूरा नहीं होने से दिक्कत होती है। गौरव कुकरेजा, वेट लिफ्टिंग

-अगर सरकार स्टेडियम में सुविधा बढ़ा दें, निश्चित तौर युवा आगे बढ़ेंगे और भारत का नाम रोशन करेंगे। स्टेडियम में जो कोच हैं, वह अंशकालिक रखे जाते हैं, उनको नियमित करते हुए उपकरणों को बढ़ाया जाए।
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मानसी चामुंडा, खिलाड़ी

जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम । संवाद

जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम । संवाद

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