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चौबीस घंटे में 28 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर, तटवर्ती गांवों बाढ़ से घिरे

सार

चौबीस घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में 28 सेमी का इजाफा हुआ है।तटवर्ती कई गांवों में बाढ़ का पानी फिर से घुसने लगा है।जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंचने के बाद गंगा-महावा, उसहैत और उसावां तटबंधों को खतरा पैदा हो गया है।
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उसहैत के सरेली में कटान करतीं गंगा। संवाद - फोटो : BADAUN
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विस्तार
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बदायूं। चौबीस घंटे के दौरान गंगा के जलस्तर में 28 सेमी का इजाफा हुआ है। गंगा अब खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंच गई है। तटवर्ती कई गांवों में बाढ़ का पानी फिर से घुसने लगा है। उसहैत और सहसवान के तटवर्ती गांवों में ज्यादा कटान हो रहा है। जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंचने के बाद गंगा-महावा, उसहैत और उसावां तटबंधों को खतरा पैदा हो गया है।
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पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर चार दिन से लगातार बढ़ रहा है। कछला में मीटर गेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का 161 मीटर है। रविवार को गंगा में नरौरा से 9057, हरिद्वार से 63365 और हरिद्वार से 89607 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर 162.60 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर है।
शुक्रवार को जलस्तर 162.2, शनिवार को 162.30 मीटर पर था। जलस्तर में तेजी से इजाफा होने के कारण कई स्थानों पर फिर से कटान हो रहा है। खतरे को देखते हुए तटबंधों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कटान वाले स्थानों पर बालू भरी बोरियां लगाने का काम किया जा रहा है। उसहैत के गांव सरेली में तेजी से कटान हो रहा है।
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सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर पहुंच गया है। फिलहाल जलस्तर कम होने की उम्मीद नहीं है। हरिद्वार से छोड़ा गया पानी चौबीस घंटे में बदायूं पहुंच जाएगा। कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।
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