दातागंज। रामगंगा में दो दिन पहले अचानक आई बाढ़ के कारण खराब हुए हालातों में अब भी सुधार नहीं हुआ है। रामगंगा के दोनों ओर बसे 50 से ज्यादा गांवों का संपर्क कटा हुआ है। शनिवार को एडीएम संतोष कुमार वैश्य, एसडीएम दातागंज राम शिरोमणि, सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय और तहसीलदार शिवकुमार वर्मा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। अधिकारी कई स्थानों पर नाव तो कई स्थानों पर ट्रैक्टर के जरिये पहुंचे। कुछ स्थानों पर पैदल चलकर भी जायजा लेना पड़ा।
इधर, रामगंगा में अचानक उफान के बाद सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण दातागंज से हजरतपुर होते हुए शाहजहांपुर और बेलाड़ाड़ी, जैतीपुर होते हुए शाहजहांपुर के दोनों रोड से भी संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। कई स्थानों पर सड़कों के साथ पुलियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हर्रामपुर, विजापट्टी, लालपुर, कुंडा मजरा, शेरपुर, जलेबी नगला, बेलाडांडी आदि गांवों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अचानक बाढ़ के कारण धान की फसल भी पानी में डूब गई है। नगरिया खनू बाढ़ चौकी क्षेत्र में अब भी हालात खराब बने हुए हैं। दातागंज से शाहजहांपुर के लिए संपर्क कटने के कारण ग्रामीणों को बदायूं होते हुए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। शेरपुर, लालपुर, हर्रामपुर मार्गों पर अब भी कई-कई फुट पानी भरा हुआ है।
शनिवार को जलस्तर में कमी आने के बाद भी हालात खराब बने हुए हैं। इधर, गंगा का जलस्तर भी एक बार फिर खतरे के निशान के ऊपर है। शनिवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.50 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर यहां भी काफी दबाव बना हुआ है। उसहैत के असमया रफतपुर और अहमदनगर बछौरा में हो रहे कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड प्रयास कर रहा है।
पशुओं के लिए पैदा हुआ चारे का संकट
दातागंज। पहले लगातार तीन दिन बारिश और फिर अचानक रामगंगा में बाढ़ के कारण धान की फसल लगभग बर्बाद हो गई है। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी हुई है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान के पुआल का पशुओं के चारा के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। फसलें बर्बाद होने के कारण इस बार पुआल का संकट रहेगा। ऐसे में पशुओं के लिए चारा को लेकर भी परेशानी उठानी होगी। संवाद
बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते ट्रैक्टर पर सवार होकर निकले अधिकारी। संवाद- फोटो : BADAUN
दातागंज के बाढ़ प्रभारी इलाकों में नाव से जायजा लेते अधिकारी। संवाद- फोटो : BADAUN