49.62 लाख हड़पने के आरोप सही पाए गए, अपने नाम कटवाता था चेक
लिपिक रामवीर सिंह अपने कारनामों के चलते निलंबित चल रहा था। नगर पंचायत अध्यक्ष राम प्रकाश कश्यप ने निलंबन के दौरान आरोपों की जांच अधिशासी अधिकारी से कराई। जांच आख्या में पाया गया कि लिपिक ने राजस्व वसूली और किराया में घपला किया। नगर पंचायत की विभिन्न स्रोतों से हुई आय को पंचायत के खाते में जमा नहीं किया गया। कई चेक पंचायत के नाम न कटवाकर अपने नाम से अपने खाते में डलवा लिए गए। अब जांच में इस लिपिक पर 49 लाख, 62 हजार, 705 रुपये का गबन सिद्ध हुआ है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने लिपिक को बर्खास्त कर रिकबरी करने के आदेश दिए हैं। ईओ को आदेशित किया गया है कि लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। लिपिक का कहना है कि इस मामले में उनका पक्ष सुना ही नहीं गया। उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई है। उनको सीधे बर्खास्त करने की सूचना रजिस्ट्री के माध्यम से मिल रही है। ईओ संजय कुमार का कहना है कि उन्हें भी ये सूचना रजिस्ट्री के माध्यम से मिली है। चेयरमैन, रामप्रकाश ने कहा कि गबन के आरोप में लिपिक रामवीर सिंह को 10 जुलाई 2015 को निलंबित किया गया था। बाद में जांच अधिशासी अधिकारी संजय कुमार को सौंपी गई। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लिपिक को बर्खास्त किया गया है। उनसे रिकवरी भी कराई जाएगी।