बदायूं। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद बदायूं के अलावा आसपास के जिलाें के लोगों को भी लाभ मिलने लगा है। तीन माह में डायलिसिस के लिए 194 किडनी राेगी पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें रोजाना औसतन 10 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है।
पहले यहां डायलिसिस की व्यवस्था नहीं थी। किडनी रोगियों को बरेली, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा की दौड़ लगानी पड़ती थी। डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद जिला अस्पताल में ही सुविधा मिलने लगी है। किडनी रोगी को एक माह में तीन बार डायलिसिस करानी होती है। एक बार का खर्च दो हजार रुपये आता है। जिला अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त मिल रही है।
चार बेड की डायलिसिस यूनिट में एक मैनेजर के अलावा तीन टेक्नीशियन, दो हाउस कीपिंग, एक स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले 194 मरीजों में छह दूसरे जिलों के हैं।
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अब नहीं जाना पड़ता मथुरा या लखनऊ
मथुरा निवासी नितिका मीना बदायूं में सहायक अध्यापक हैं। उन्हें हर माह मथुरा या लखनऊ जाकर डायलिसिस करानी होती थी। उझानी की पूजा ने कहा कि उन्हें डायलिसिस के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था। जिस दिन जाना पड़ता था, उस दिन बहुत मानसिक तनाव रहता था। लंबी दौड़, उस पर आने-जाने में काफी खर्च भी हो जाता था। अब इस सबसे मुक्ति मिल गई है।
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एक बार की डायलिसिस पर खर्च होते हैं 2000 रुपये
जिले में किडनी संबंधी रोगियों की संख्या काफी है, जो दिल्ली, बरेली, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, नोएडा जाकर डायलिसिस कराते थे। मरीज को एक माह में तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती है। एक बार में 2000 रुपये का खर्चा होता था। इसके अलावा भागदौड़ अलग है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की जान पर बन आती थी।
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जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ रही है। कोशिश है कि जिला का एक भी मरीज बाहर न जाए। सभी को जिला अस्पताल की यूनिट में बेहतर सुविधा दी जा रही है। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस