बदायूं। अधिकारियों की लापरवाही से छुट्टा पशु खेतों से लेकर हाईवे तक घूम रहे हैं। वहीं जिम्मेदार इनको पकड़ने के नाम पर महज औपचारिकता निभा रहे।
पिछले दिनों शासन ने सख्त निर्देश दिए थे कि जिस नगर पालिका या नगर पंचायत में छुट्टा पशु घूमते पाए जाएंगे वहां के ईओ को निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद इन छुट्टा पशुओं की कोई व्यवस्था नहीं की गई न ही किसी अधिकारी पर कार्रवाई की गई। एक अनुमान के तहत शहर से लेकर देहात व हाईवे तक करीब आठ से दस हजार गोवंशीय पशु घूम रहे हैं। यह हाल तब है कि जिले में 280 अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें 29,760 गोवंशीय पशु रह रहे हैं।
सांड़ के दौड़ाने पर किसान की हुई थी करंट से मौत
उघैती थाना क्षेत्र के गांव बाला किशनपुर निवासी पुष्पेंद्र कुमार खितौरा खेतिहार इलाके में 24 जनवरी को खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सांड़ ने दौड़ा लिया। जान बचाने को भागते समय पुष्पेंद्र की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा 26 जनवरी को बिसौली-पिंदारा मार्ग पर सांड़ ने 80 वर्षीय महाराम सिंह को पटककर मार डाला था।
ककराला में छुट्टा पशु के टकराने से युवक की चली गई थी जान
-ककराला क्षेत्र में बीती नौ अगस्त को बाइक सवार चचेरे तहेरे भाई गोवंश से टकरा गए थे। इसमें अलापुर के उघैनी निवासी पंकज की मौत हो गई थी, जबकि चचेरा भाई सूरज गंभीर घायल हो गया था। ऐसी घटनाएं आए दिन सामने आ रहीं हैं।
छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जहां-जहां गोवंश मिल रहे हैं उन्हें पकड़वाकर गोआश्रय स्थलों में भेजा जा रहा है। पशुओं को पकड़ने के लिए नगर पालिका व नगर पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा।
-डॉ. विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी