प्रति एआरओ को दो टेबिल सौंपी जाएंगी, 262 टेबिलों पर होगी मतगणना
चुनाव में मतगणना मतदान से अधिक महत्व की बन जाती है। इस पर जनता और प्रत्याशी दोनों ही पारदर्शिता चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए चौथे चरण के मतदान से पहले मतगणना के लिए जिलाधिकारी शंभूनाथ चिंतित हैं। उन्होंने इस संबंध में 26 अक्तूबर को शाम चार बजे कलेक्ट्रेट में वृहद प्रशिक्षण बैठक आहूत की है। जिसमें आरओ, एआरओ, सेक्टर, जोनल सभी मजिस्ट्रेटों के अलावा चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों को अभी से सूचना देकर तलब कर लिया है। मतगणना में जिले के 15 ब्लाकों में तैनात 131 एआरओ को दो-दो टेबिल सौंपी जाएंगी। इस प्रकार मतगणना स्थलों पर 262 टेबिलें पड़ेंगी। यही नहीं कार्मिक प्रभारी/सीडीओ प्रताप सिंह ने मतगणना के लिए ब्यूह रचना की है। जिसमें हर स्ट्रांग रूम पर एक अतिरिक्त कर्मचारी लगाया जाएगा जो मतगणना के लिए सीरियल नंबर के हिसाब से मत पेटिकाएं निकलवाकर देगा। आरओ की सहायता को दो और एआरओ की सहायता को एक अतिरिक्त कर्मचारी दिया जा रहा है। पारदर्शिता के मद्देनजर सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नामांकन ओर मतदान के समय जो एआरओ जहां लगे थे, उन एआरओ को उनसे हटाकर इतर लेकिन उसी ब्लाक में लगाया जाएगा।