उझानी। मिहौना निवासी किसान श्रीराम की रविवार शाम सरेराह हत्या के मामले में गिरफ्तार सुरजीत की निशानदेही पर पुलिस ने दरांती भी बरामद कर ली। पूछताछ के दौरान उसने हत्या का राज भी खोल दिया। उसने पुलिस को बताया कि काफी पहले श्रीराम ने उसके पिता को पीट दिया था, उसी दिन से वह रंजिश मानने लगा था।
हत्या में सुरजीत समेत उसके भाई गिरीश, मदन लाल, मदन लाल के बेटे सचिन को नामजद कराया गया था। नामजदों में सुरजीत को पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही उसके घर से दबोच लिया था। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सुरजीत की निशानदेही पर उसी के घर से दरांती बरामद कर ली गई है। हत्या के बाद आरोपियों ने लाठी मौके पर ही फेंक दी थी, जो शव के पास ही पुलिस को पड़ी मिली थी।
हत्याकांड को लेकर पूछताछ के दौरान सुरजीत ने पुलिस को यह भी बताया कि जब वह अपने खेत की तरफ निकला तो श्रीराम रास्ते में मिल गया। श्रीराम को देखते ही उसके दिमाग में पिता बिहारीलाल की पिटाई की रंजिश कौंध गई। कहासुनी पर उसने पहले लाठियां मारीं, फिर दरांती से लहूलुहान कर दिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरजीत का सोमवार पूर्वाह्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुरजीत को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
सुरजीत ने भाइयों और भतीजे की नामजदगी पर सवाल उठाए
पूछताछ के दौरान हत्यारोपी सुरजीत ने नामजदगी पर सवाल खड़ा कर दिया। उनका कहना था कि उसने श्रीराम की हत्या अकेले ही की थी। भाई और भतीजे तो आसपास भी नहीं थे। घटना के बाद वह पहले जंगल की ओर भागा, फिर अपने घर में आकर छिप गया था। फिर भाइयों और भतीजे को पुलिस ने क्यों नामजद किया। नामजदगी पर प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि विवेचना में असलियत का पता लेगा।
मानसिक मंदितों की भांति व्यवहार करता है सुरजीत
बुजुर्ग श्रीराम की हत्या में गिरफ्तार सुरजीत के व्यवहार को लेकर ग्रामीण भी चर्चा कर रहे हैं। मिहौना में उसके किसी से भी अच्छे संबंध नहीं हैं। बात-बात पर बिफर पड़ना और मानसिक मंदितों जैसा व्यवहार करता है। इसी वजह से कोई भी उससे बात करना पसंद नहीं करता। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने सभी बातें साफ-साफ कह दीं।