बदायूं। श्रावण मास में तीसरे सोमवार को लेकर बरेली-बदायूं हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ गई है। बीते बृहस्पतिवार से लगातार कांवड़ियों का आवागमन जारी है। इससे मार्ग परिवर्तन में भी सख्ती कर दी गई है। शहर आने वाले तमाम वाहनों को बाइपास के चौराहों पर रोक दिया गया है। इससे राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहे और सरदार पटेल चौराहे पर सबसे ज्यादा बड़े वाहनों की लाइन लग गई है। अनुमान है कि अब सोमवार शाम को ही मार्ग परिवर्तन हटाया जाएगा। उसके बाद ही बड़े वाहनों को रवाना किया जा सकता है।
श्रावण मास के बीते दो सप्ताह कांवड़ियों की भीड़भाड़ ज्यादा नहीं रही, जिससे शुक्रवार रात आठ बजे से लेकर सोमवार शाम छह बजे तक ही मार्ग परिवर्तन लागू किया गया था। सोमवार शाम से लेकर शुक्रवार रात आठ बजे तक वाहनों का आवागमन चलता रहा था। इससे पुलिस को भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।
बीते बृहस्पतिवार से अचानक जिले में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ गई। इसके बाद शुक्रवार और शनिवार को भी हाईवे पर कांवड़ियों की खूब भीड़ रही। लगातार कांवड़ियों के डीजे लगे वाहन गुजरते रहे, लेकिन रविवार को उससे ज्यादा भीड़भीड़ दिखाई। कछला से लेकर बरेली हाईवे पर, कुंवरगांव मार्ग पर और उसावां मार्ग पर कांवड़ियों के वाहन ही निकलते नजर आए। इससे पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई। रविवार को पुलिस कार्यालय और जिले के थानों में पुलिस बल बहुत कम दिखाई दिया। सभी पुलिस अधिकारी और पुलिस कर्मी कांवड़ियों के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को दौड़ते नजर आए।
आईजी डॉ. राकेश सिंह और एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने भी बदायूं से लेकर कछला मार्ग तक भ्रमण किया और कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था चेक की।
शहर में आने वाले भारी वाहन सरदार पटेल चौराहे पर खड़े कराए गए
वैसे तो सभी प्रकार के वाहनों के लिए जिले में मार्ग परिवर्तन लागू कर दिया गया है, लेकिन शहर में आने वाले ट्रक, डीसीएम और अन्य बड़े वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तित नहीं है। उन्हें तो सरदार पटेल चौराहे से खेड़ा नवादा होते हुए शहर में आना ही है, लेकिन लालपुल से लेकर बरेली हाईवे तक कांवड़ियों का रूट निर्धारित किया गया है। इससे बड़े वाहनों को सरदार पटेल चौराहे पर रोक दिया गया है। उनके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज, बरेली हाईवे पर बाइपास मोड़ पर भी कई वाहन खड़े करा दिए गए हैं।
पटेल चौक के पास सड़क किनारे खड़े वाहन। संवाद