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गर्भवती किशोरी के प्रेमी की मां ने वन स्टॉप सेंटर में पहुंचाया था मोबाइल

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वन स्टॉप सेंटर में तैनात पुलिस कर्मचारी और चैनल ठीक करते कर्मचारी। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। महिला अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर से तीनों लड़कियां ऐसे ही नहीं निकलीं थीं। उन्होंने दोपहर में ही पूरी योजना बना ली थी। दोपहर को गर्भवती किशोरी के प्रेमी की मां खाना लेकर वन स्टॉप सेंटर आई थी। तभी वह एक मोबाइल उसे दे गई थी। उसी के जरिये तीनों लड़कियों ने बात की और महिला कांस्टेबलों के सोते ही निकल गईं।
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गर्भवती किशोरी एक अक्तूबर को वन स्टॉप सेंटर लाई गई थी। उसकी उम्र 17 साल है। उसे नारी निकेतन भेजने की तैयारी चल रही थी। किशोरी जिस लड़के के साथ गई थी, उसके परिवार वाले कई बार वन स्टॉप सेंटर आए। इस दौरान किशोरी ने उन्हें पूरी कहानी बताई। इसके बाद किशोरी ने सेंटर से निकलने की योजना बनाना शुरू कर दी। मंगलवार दोपहर प्रेमी की मां खाना देने के बहाने उसे एक मोबाइल भी दे गई।
जब उसने अपने प्रेमी से बात की तो दातागंज और वजीरगंज से लाई गईं लड़कियों ने भी उसी मोबाइल से बात की। हैरानी की बात यह है कि इतना सब कुछ चलता रहा और महिला सिपाहियों को भनक तक नहीं लगी। रात में ही तीनों लड़कियों ने लड़कों को बुला लिया और मौका पाकर निकल गईं। वह सीधे कासगंज पहुंचीं और वहां से मथुरा चली गईं। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें खोज निकाला और दोबारा यहां ले आई।
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दोपहर में बाइक सवार युवक भी आए थे
वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों के मुताबिक मंगलवार दोपहर दो लड़के सेंटर के सामने खड़े थे। उन्हें टोका तो उन्होंने बताया कि वह एक लड़की से मिलने आए हैं। कर्मचारियों ने उनकी वीडियो बनाना चाही, तो वे निकल गए।
प्राथमिक जांच में महिला कांस्टेबल दोषी
मामले की जांच सीओ उझानी शक्ति सिंह को सौंपी गई थी। शाम को उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। उनकी जांच में रात में रुकी तीनों महिला कांस्टेबल दोषी पाई गईं। सीओ ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट दे दी है। अब जो भी कार्रवाई होगी उच्चाधिकारी करेंगे।
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