बदायूं। हाथरस हादसे में धर्मवती (44) की मोबाइल उठाने के चक्कर में जान चली गई। वह सत्संग स्थल से बाहर निकलकर आ रहीं थीं। तभी भीड़भाड़ में उनके हाथ से मोबाइल छूटकर गिर गया। जैसे ही वह मोबाइल उठाने के लिए झुकीं तो भगदड़ में फंस गईं। देखते-देखते सैकड़ों लोग उनके ऊपर से निकल गए। किसी ने उनके सीने पर पैर रखा तो कोई पेट पर पैर रखकर आगे बढ़ गया। वह एक बार गिरीं तो फिर नहीं उठ पाईं। आखिर में उनकी जान ही चली गई।
इस्लामनगर के गांव लभारी निवासी धर्मवती पत्नी जगपाल करीब 20 लोगों के साथ सत्संग में शामिल होने हाथरस गईं थीं। उनके देवर धर्मवीर के मुताबिक यहां से हम सब लोग एक साथ गए थे लेकिन वहां पंडाल में महिलाओं को अलग बैठा दिया गया था। इससे वह अपनी भाभी से अलग हो गए थे।
जब सत्संग खत्म हुआ तो वह पहले गाड़ी पर पहुंच गए थे। कुछ देर बाद पता चला कि पंडाल से निकलकर लोगों में भगदड़ मच गई है। उसमें कई लोग मर गए हैं। वह गाड़ी से उतरकर मौके पर पहुंचे। उनके साथ गईं महिलाओं ने बताया कि जब वह सब लोग बाहर निकल रहीं थीं। उसी दौरान धर्मवती के हाथ से उनका मोबाइल छूटकर जमीन पर गिर गया। धर्मवती अपना मोबाइल उठाने के लिए झुकी थीं कि तभी उनके ऊपर से सैंकड़ों लोग निकल गए। भीड़ हटने पर उन्हें हाथरस अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें अलीगढ़ भेज दिया गया। वहीं, देर रात धर्मवती के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिवार वाले उनके शव को घर ले गए। सुबह इस्लामनगर कस्बे में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।