कोर्ट में बयान देने से किया इन्कार, पुलिस ने परिजनों को किया सुपुर्द
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की रहने वाली रेलवे कर्मचारी की पत्नी का अपहरण नहीं हुआ था। वह मर्जी से सहेली के साथ घूमने गई थी। पुलिस ने बयान दर्ज कराने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसको परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी आगरा के रेलवे कर्मी के साथ हुई थी। चार जून को वह मायके आई थी, जहां से अचानक लापता हो गई। इस बीच उसके भाई के फोन पर किसी ने कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से युवती को नोएडा में खोज लिया। पुलिस युवती को यहां लेकर आई और पूछताछ में उसने कुछ नहीं बताया। वह ससुराल में न रहने की बात कहते हुए कभी राधा तो कभी संत बनने की बात कहती रही। इसके बाद पुलिस ने उसको वन स्टाप सेंटर भेजा।
बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में बयान कराने के लिए कहा तो युवती ने बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह पति के साथ रहना नहीं चाहती, इसलिए सहेली के साथ मर्जी से गई थी। पुलिस ने इसके बाद उसको मायके वालों के सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में एसएचओ सिविल लाइंस गौरव विश्नोई ने बताया कि युवती अपनी मर्जी से गई थी। उसने कोर्ट में बयान दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। उसको मायके वालों के सुपुर्द किया गया है।