बदायूं। परिवहन निगम ने डग्गामार वाहनों से निपटने के लिए उनका सर्वे शुरू करा दिया है। इसके लिए दो सहायक यातायात निरीक्षक लगाए गए हैं। वह अलग-अलग मार्गों पर जाकर यात्रियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के बारे में जानकारी कर रहे हैं। सर्वे के बाद सभी डग्गामार वाहनों की सूची एआरटीओ को सौंपी जाएगी, ताकी उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यहां बता दें कि बुधवार की सुबह रोडवेज चौराहे पर रोडवेज की बसों से सवारियों को उतारकर डग्गामार बसों में बैठाया जा रहा था। विरोध करने पर एआरएम राजेश पाठक से डग्गामार वाहनों के संचालकों और कर्मचारियों ने अभद्रता कर दी थी। वह मारपीट तक उतर आए थे। इस संबंध में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बावजूद इसके डग्गामार वाहनों का संचालन बंद नहीं हुआ। अब भी शहर में जगह-जगह डग्गामार वाहनों को खड़ा करके यात्रियों को लाया-ले जाया जा रहा है। इनसे निपटने के लिए एआरएम ने डग्गामार वाहनों का सर्वे शुरू करा दिया है। इसके लिए सहायक यातायात निरीक्षक राजकुमार शर्मा और आलोक कुमार गौतम को लगाया गया है।
शहर में कई जगह डग्गामार वाहनों के अड्डे हैं। इको वैन से लेकर कई डग्गामार बसें बरेली, कासगंज, बिसौली, फर्रुखाबाद, कादरचौक और दातागंज मार्ग पर चल रही हैं। सहायक यातायात निरीक्षक सभी वाहनों की सूची तैयार कर रहे हैं। अब तक करीब 50 वाहनों के नंबर मिल चुके हैं, जो अलग-अलग मार्गों पर यात्री ला व ले जा रहे हैं। सभी की सूची तैयार करके एआरटीओ को सौंपी जाएगी। उसके बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
परिवहन निगम को रोजाना हो रहा 10 लाख रुपये का घाटा
डग्गामार वाहनों के चलने से परिवहन निगम को रोजाना 10 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। अगर यह डग्गामार वाहन नहीं चलें तो परिवहन निगम की आमदनी बढ़ जाएगी।
शहर में कई जगह लगातार डग्गामार वाहन चल रहे हैं। इनकी वजह से रोजाना करीब 10 लाख रुपये का घाटा निगम को हो रहा है। इसलिए सभी डग्गामार वाहनों का सर्वे शुरू करा दिया गया है। सभी वाहनों के नंबर आ जाने पर उनकी सूची एआरटीओ को सौंपी जाएगी। वहीं से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। - राजेश पाठक, एआरएम