बदायूं। शहर से लेकर उसावां तक फर्रुखाबाद मार्ग कई जगहों से टूट चुका है। इस पर वाहन चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब इसके दिन बहुुरने वाले हैं। एक अरब रुपये की लागत से इसकी दशा बदली जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने रोड के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जो शासन ने मंजूर कर दिया है। अब एक से दो दिन में इस सड़क पर कार्य भी शुरू हो जाएगा।
जिले के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लखनऊ से लगता रहा है। कई अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों के आवास लखनऊ या उसके आसपास हैं। ऐसे कभी घर जाना तो कभी कार्यालय के काम से लखनऊ जाना महीने में दो से तीन बार हो जाता है। बदायूं से लखनऊ के लिए जाने वाला यह सीधा रोड है।
इधर से निकलने में लोगों के समय की बचत होती है, लेकिन रोड खराब होने की वजह से ज्यादा लग रहा है। इसमें खासतौर पर बदायूं से उसावां की ओर जाने वाला 31 किमी का रोड शामिल है। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। इसको ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इस रोड के चौड़ीकरण व सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। जो अब पास हो गया है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभी यह रोड सात मीटर चौड़ा है। इस रोड को दोनों ओर से डेढ़-डेढ़ मीटर और चौड़ा किया जाएगा। ऐसे में यह हाईवे 10 मीटर चौड़ा हो जाएगा। चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण में लगभग एक अरब रुपये की लागत आएगी। विभाग की तरफ से इसको बनाने का ठेका दे दिया गया है।
शासन स्तर से दूसरा बाईपास चल रहा लंबित
बदायूं-उझानी रोड से राजकीय मेडिकल कॉलेज के पास से होते हुए आसरा अवास, सरदार पटेल चौक होते हुए बरेली रोड को जोड़ने वाला एक बाईपास बनाया गया है। इससे बाहर से आने वालों लोगों के साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिली है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामने से होते ही कादरचौक, ककराला, उसावां और दातागंज रोड होते हुए बरेली रोड को जोड़ने वाले बाईपास की फाइल अभी शासन स्तर पर लंबित चल रही है। अगर यहां बन जाता है, तो शहर से पूरी तरह से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
शासन से बदायूं से उसावां तक के रोड के चौड़ीकरण को लेकर मंजूर मिल गई है। इसको रोड को बनाने का काम प्रक्रिकया में चल रहा था। ऐसे में एक से दो दिन में यहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। -मनीष सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी